अवैध धान परिवहन व भंडारण पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू की

Raipur. रायपुर। राज्य शासन के निर्देश पर प्रदेश में धान के अवैध परिवहन और भंडारण को रोकने के लिए मुंगेली जिले में गहन कार्रवाई की जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अवैध धान के क्रय-विक्रय और भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने खाद्य विभाग एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम गठित की है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में गठित इस टीम ने जिले भर के थोक और चिल्हर व्यापारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अब तक कुल 17 व्यापारियों के प्रतिष्ठानों से अवैध रूप से रखे गए पुराने धान का प्रकरण दर्ज किया गया है। टीम ने इन प्रतिष्ठानों से कुल 622.80 क्विंटल धान जब्त किया है। जब्त किए गए धान की मंडी उपज अधिनियम के तहत आंकी गई कुल कीमत 13 लाख 02 हजार 120 रुपये है।

खाद्य अधिकारी ने बताया कि सभी प्रकरणों को मंडी अधिनियम के अंतर्गत विधिवत दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई धान खरीदी के पूरा होने तक जारी रहेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रबी फसल का पुराना धान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान में किसी भी स्थिति में मिश्रित न हो और सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग न हो। साथ ही, यह पारदर्शिता बनाए रखने और वैध किसानों तथा पंजीकृत उपार्जन केंद्रों में निष्पक्ष धान खरीदी सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। जिले में धान खरीदी प्रक्रिया भी सुचारू रूप से जारी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के 66 समितियों के 105 उपार्जन केंद्रों में कुल 01 लाख 07 हजार 214 पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाएगा। वर्तमान में जिले में अब तक 02 हजार 238 किसानों से 01 लाख 01 हजार 127 क्विंटल से अधिक धान खरीदी जा चुकी है। प्रत्येक खरीदी केंद्र में सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है।

किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर धान बेचने के लिए टोकन वितरण, बारदाना उपलब्धता, परिवहन और भुगतान की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। इससे जिले के सभी किसानों को लाभ मिलेगा और खरीदी प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आएगी। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में अवैध धान के क्रय-विक्रय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी व्यापारियों को चेतावनी दी गई है कि वे पुराने धान को खरीदने या स्टॉक करने की कोशिश न करें। इस कार्रवाई से किसानों और

पंजीकृत

उपार्जन केंद्रों में विश्वास बढ़ेगा और धान खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इस अभियान के तहत जिला प्रशासन लगातार निरीक्षण कर रहा है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्यवाही की जा रही है। राज्य शासन के निर्देशानुसार यह कदम किसानों के हितों की सुरक्षा और सरकारी धान खरीदी प्रणाली को प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है। मुंगेली जिले में इस तरह की कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि राज्य में धान की खरीदी और भंडारण में अनुशासन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। इससे किसानों के साथ-साथ राज्य की खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था भी सुनिश्चित होगी।


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