अवैध 20 कार्टन ई-सिगरेट किया जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने दिल्ली और हरियाणा में ई-सिगरेट तस्करी के बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए कुल 20 कार्टन प्रतिबंधित ई-सिगरेट जब्त की गई हैं। इसके साथ ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित ई-सिगरेट की बाजार कीमत लगभग 27 लाख रुपए है और आरोपियों की पहचान विकास निवासी दक्षिण पुरी, दिल्ली, ऋत्विक निवासी ग्रेटर कैलाश, दिल्ली और जीशान उर्फ जस्सू निवासी बल्लभगढ़, हरियाणा के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि हेड कांस्टेबल रामकेश को सीआर पार्क, दक्षिण दिल्ली में एक पान की दुकान पर प्रतिबंधित ई-सिगरेट की अवैध बिक्री और भंडारण की मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके बाद इंस्पेक्टर महिपाल सिंह और एसीपी सतेंद्र मोहन के पर्यवेक्षण में एसआई अंकित, गौरव, एएसआई सत्यवीर, तरुण, राकेश, हेड कांस्टेबल नवीन, सुनील, रामकेश और कांस्टेबल धर्म सिंह की टीम ने “स्मोक एन पफ” नामक दुकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान 53 ई-सिगरेट बरामद हुईं।

पूछताछ में विकास ने बताया कि दुकान का मालिक ऋत्विक है। ऋत्विक के घर पर छापा मारने पर 20 और ई-सिगरेट बरामद हुईं। ऋत्विक ने सप्लायर के रूप में जीशान उर्फ जस्सू की पहचान कराई, जो अपने घर, लक्ष्मण नगर, बल्लभगढ़ में 2000 ई-सिगरेट रखे हुए था। यहां छापे में कुल 20 कार्टन बरामद हुए। आरोपी ई-सिगरेट को 800–900 प्रति पीस खरीदते थे और अंतिम उपयोगकर्ता तक अधिक दामों में बेचा करते थे।

जानकारी के अनुसार विकास (33) सीआर पार्क में पान की दुकान का मैनेजर है और लगभग एक साल से अवैध ई-सिगरेट व्यापार में शामिल था। ऋत्विक (25) दुकान का मालिक और अलग-अलग व्यवसायों में सक्रिय है। जीशान (24) डाटा एनालिस्ट है, जिन्होंने नौकरी के साथ-साथ अवैध ई-सिगरेट व्यापार शुरू किया था। तीनों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एएनटीएफ ने कहा कि यह कार्रवाई अवैध, लत-आधारित उत्पादों की बढ़ती आपूर्ति और युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को रोकने की उनकी सतत कोशिश का हिस्सा है। इसमें जो भी शामिल है उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा, इसके लिए टीम का गठन किया गया है जो आरोपियों की निशानदेही पर कार्रवाई कर रही है।


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