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आबकारी एक्ट मामले में बैकवर्ड लिंकेज पर शराब तस्कर सुनील लिलहारे गिरफ्तार


Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर की आमानाका पुलिस ने आबकारी एक्ट के एक पुराने मामले में बैकवर्ड लिंकेज पर बड़ी सफलता हासिल करते हुए मध्यप्रदेश निवासी एक कुख्यात शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम सुनील लिलहारे (30 वर्ष) है, जो ग्राम टेकेपारा, थाना बहेला, जिला बालाघाट, मध्यप्रदेश का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क के एक अहम कड़ी का पर्दाफाश किया है।
कैसे शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा (रायपुर रेंज) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर रायपुर पुलिस लगातार अन्य राज्यों से आने वाली शराब की तस्करी रोकने के लिए अभियान चला रही है। इसके तहत सभी थाना प्रभारियों, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और पुलिस राजपत्रित अधिकारियों को अवैध शराब की सप्लाई और बिक्री में संलिप्त लोगों की पहचान कर कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। इसी कड़ी में मुखबिरों से मिली पुख्ता जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर 06 और 07 जुलाई 2025 की दरम्यानी रात आमानाका थाना क्षेत्र में चंदनीडीह ओवरब्रिज के ऊपर पुलिस टीम ने आरोपियों का पीछा कर उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
मौके से हुई भारी जब्ती
पुलिस ने कार्रवाई में मध्यप्रदेश निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब से भरी 20 पेटियां (कुल 240 बोतलें) बरामद कीं। इसके साथ ही घटना में प्रयुक्त क्रेटा कार (CG 04 NL 6526), स्विफ्ट डिजायर (CG 04 PT 7788) और 5 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत लगभग 17 लाख रुपये आंकी गई है।
अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार
इस प्रकरण में अब तक कुल 06 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके खिलाफ थाना आमानाका में अपराध क्रमांक 219/25, धारा 34(2), 36 आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
बैकवर्ड लिंकेज से पहुंचा पुलिस तस्कर तक
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्हें यह अवैध शराब मध्यप्रदेश के लांजी निवासी सुनील लिलहारे ने कमीशन पर उपलब्ध कराई थी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने सुनील लिलहारे के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। कई दिनों की कोशिश के बाद पुलिस ने उसे उसके छिपने के स्थान से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सुनील ने स्वीकार किया कि वह रायपुर में पकड़े गए आरोपियों को अवैध अंग्रेजी शराब सप्लाई करता था और इसके बदले में कमीशन लेता था।
पुलिस का सख्त रुख
वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब की तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की प्राथमिकता अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ में आने वाले तस्करी नेटवर्क को खत्म करना है। इसके लिए लगातार बैकवर्ड लिंकेज और फॉरवर्ड लिंकेज दोनों पर कार्रवाई की जा रही है, ताकि सप्लाई चेन के हर स्तर पर अपराधियों को पकड़ा जा सके।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक सुधांशु बघेल (थाना प्रभारी आमानाका), निरीक्षक परेश कुमार पांडे (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट प्रभारी), उप निरीक्षक सतीश पुरिया, प्रधान आरक्षक कुलदीप द्विवेदी, आरक्षक संदीप सिंह, बीरेन्द्र बहादुर सिंह, हिमांशु राठोड़, तथा प्रधान आरक्षक बच्चन सिंह ठाकुर और देवेन्द्र साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अवैध शराब कारोबार पर लगातार नजर
रायपुर पुलिस का यह ऑपरेशन बताता है कि जिले में अवैध शराब कारोबार पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस की रणनीति केवल तस्करों को पकड़ने की नहीं, बल्कि उनके नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की है। इसके लिए सूचना तंत्र को मजबूत किया गया है और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ भी समन्वय बनाया जा रहा है। इस कार्रवाई से यह साफ है कि रायपुर पुलिस आबकारी एक्ट के मामलों को लेकर गंभीर है और आने वाले दिनों में भी इसी तरह की कार्रवाई की संभावना है, जिससे न केवल तस्करों में डर का माहौल बनेगा, बल्कि अवैध शराब की आपूर्ति पर भी रोक लगेगी।

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