कर्नाटक में सियासी नाटक, सिद्धारमैया दिल्ली में तो शिवकुमार की उम्मीद बरकरार, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मिली हार के सबक से दुविधा में आलाकमान

Karnataka Political crisis: नई दिल्ली/बेंगलुरु। कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सत्ता संघर्ष ने कांग्रेस हाईकमान को मुश्किल में डाल दिया है। दोनों नेता अलग-अलग दिल्ली में हैं। 8 दिसंबर को होने वाले विधानसभा सत्र से पहले यह संकट पार्टी के लिए नया सिरदर्द बन गया है, खासकर तब जब बिहार में पार्टी को मिली हार के बाद कांग्रेस आलाकमान खुद सवालों में घिरा है।




Karnataka Political crisis: सूत्रों के अनुसार सिद्धारमैया ने दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात की। सिद्धारमैया का खेमा कैबिनेट पुनर्गठन की मांग कर रहा है, ताकि वफादार विधायकों को मजबूत किया जा सके। उनका दावा है कि यह कदम सत्ता-साझेदारी की अटकलों को हमेशा के लिए खत्म कर देगा। बता दें कि वर्तमान में बी. नागेंद्र के इस्तीफे और केएन राजन्ना की बर्खास्तगी के बाद कैबिनेट में दो पद खाली हैं।





Karnataka Political crisis: दूसरी ओर, शिवकुमार की उम्मीदें बरकरार हैं। वे कैबिनेट विस्तार चाहते हैं, जिसमें उनके समर्थकों को प्रमुख पद मिलें। उनका कैंप जोर दे रहा है कि प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों को हटाया न जाए। शिवकुमार ने कहा, मुख्यमंत्री और मेरे बीच चर्चा हाईकमान को सौंप दी गई है। अगर बुलाया जाएगा, तो जाऊंगा। ऐसे में दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की दुविधा बढ़ गई है।




Karnataka Political crisis: बता दें कि 2023 के विधानसभा चुनाव में दोनों नेताओं ने मिलकर पार्टी को 135 सीटों की शानदार जीत दिलाई थी, लेकिन अब आंतरिक कलह पार्टी की एकजुटता को कमजोर कर रही है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सत्ता की लड़ाई से सबक लेते हुए हाईकमान किसी भी बदलाव से बचना चाहता है। खासकर 2028 में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होना है।


Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button