कुख्यात अपराधी लल्लू और गोगी गैंग के साथियों से मुठभेड़, पुलिस ने 3 को पकड़ा

नई दिल्ली: रोहिणी जिले के बुध विहार थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने शनिवार तड़के कुख्यात अपराधी लल्लू उर्फ अशरू और उसके साथियों के साथ मुठभेड़ की। यह कार्रवाई उस गुप्त सूचना के आधार पर हुई जिसमें बताया गया था कि लल्लू और उसके गिरोह के सदस्य गौ-रक्षक दल से जुड़े एक प्रमुख व्यक्ति के आवास/कार्यालय पर हमला करने की योजना बना रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, लल्लू ने हाल ही में अपने साथियों के साथ तीन व्यक्तियों की पिटाई/भीड़ हिंसा की घटना को अंजाम दिया था और उसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर डाला था, ताकि गोगी गैंग से अपने संबंध और दबदबे को दिखा सके। पीड़ित पक्ष ने इस घटना के विरोध में एक महासभा बुलाने का आह्वान किया था। इसी के मद्देनज़र लल्लू अपने गैंग के साथ हमला कर गैंग वर्चस्व स्थापित करना चाहता था।

शनिवार तड़के लगभग 2:40 बजे, रोहिणी सेक्टर-24 स्थित बांके बिहारी मंदिर के पास पुलिस ने एक संदिग्ध सफेद स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया। पुलिस की मौजूदगी भांपकर कार सवारों ने सरकारी बोलेरो (पुलिस गश्ती वाहन) में टक्कर मार दी और मौके से भागने की कोशिश करते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद, पुलिस की टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान गोलीबारी में दो अपराधियों को पैरों में गोली लगी, जबकि एक को मौके से दबोच लिया गया। हालांकि, दो आरोपी गंदा नाला, रिठाला की ओर दीवार फांदकर फरार हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस मुठभेड़ में कुल 6 राउंड पुलिस द्वारा और लगभग 6–7 राउंड आरोपियों द्वारा फायरिंग की गई। दिल्ली पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई में तीन अपराधियों को पकड़ा गया। पहला, लल्लू उर्फ अशरू (23), जो गोगी गैंग से जुड़ा है और अपने भाई नस्रुद्दीन के नाम पर “नस्सरू गैंग” चलाता है, गोलीबारी में घायल हुआ। उसके पास से एक आधुनिक हथियार मिला। लल्लू पर हत्या का प्रयास और लूटपाट सहित 5 गंभीर मामले दर्ज हैं। दूसरा, लल्लू का साथी इरफान (21) भी गोलीबारी में घायल हुआ और उसके पास से भी एक आधुनिक हथियार बरामद हुआ। वह हत्या के प्रयास के 2 मामलों में शामिल है। वहीं, नितेश (30) को मौके पर गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से एक देसी कट्टा मिला। वह पहले ठगी के मामलों में शामिल रहा है।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 221/132/109(2)/3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 (पूर्ववर्ती आईपीसी की धारा 186/353/307/34 के अनुरूप) के तहत केस दर्ज किया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और गिरोह के व्यापक नेटवर्क की जांच की जा रही है।


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