खड़ी कार में भीषण आग, धमाके के साथ फटा CNG सिलेंडर, 5 लोग घायल
वडोदरा। गुजरात के वडोदरा शहर में गुरुवार तड़के एक खड़ी कार में आग लगने के बाद हुए जोरदार धमाके से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना नवायार्ड क्षेत्र के रामवाड़ी इलाके की है, जहां एक कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कुछ ही देर बाद उसमें लगे सीएनजी सिलेंडर में जबरदस्त विस्फोट हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि कार के लोहे के टुकड़े करीब 200 मीटर दूर तक जा गिरे। इस हादसे में पांच लोगों के घायल होने की खबर है। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। घटना के बाद पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार में लगी आग लगातार बढ़ रही थी। कुछ लोग आसपास खड़े दूसरे वाहनों को सुरक्षित स्थान पर हटाने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच कार में लगे सीएनजी सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों में मौजूद लोग घबराकर बाहर निकल आए। विस्फोट के कारण कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके धातु के टुकड़े दूर-दूर तक बिखर गए।
हादसे में घायल लोगों की पहचान दीपिकाबेन मकवाना, उषाबेन मकवाना, नागिनभाई परमार, सविताबेन वाघेला और वीनाबेन परमार के रूप में सामने आई है। उड़ते हुए धातु के टुकड़ों की चपेट में आने से इन लोगों को चोटें आईं। एक महिला के पैर में कार का नुकीला टुकड़ा घुसने की बात सामने आई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और एंबुलेंस की सहायता से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
इस हादसे में केवल कार ही क्षतिग्रस्त नहीं हुई, बल्कि पास में स्थित एक छोटी दुकान को भी नुकसान पहुंचा। विस्फोट के बाद दुकान में आग लगने से वहां रखी तीन साइकिलें, कुर्सियां, खाने-पीने का सामान और अन्य वस्तुएं नष्ट हो गईं। बताया गया है कि यह दुकान एक दिव्यांग व्यक्ति की थी। धमाके के कारण आसपास की गलियों में भी कार के टुकड़े बिखरे मिले। इससे विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नयन मकवाना ने यह भी दावा किया कि संबंधित कार में करीब 15 दिन पहले ही सीएनजी किट लगवाई गई थी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जिस गली में कार खड़ी की गई थी, वहां बच्चे भी खेलते हैं। इसी वजह से कुछ लोगों ने कार को वहां खड़ा करने पर पहले आपत्ति जताई थी। हालांकि, सीएनजी किट अधिकृत एजेंसी से लगवाई गई थी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। विस्फोट की आवाज सुनकर कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। आसपास रहने वाले परिवारों को इस बात का डर था कि कहीं आग दूसरे वाहनों या मकानों तक न फैल जाए। लोगों ने दमकलकर्मियों के पहुंचने तक सुरक्षित दूरी बनाए रखने का प्रयास किया।
घटना की सूचना मिलने पर टीपी-13 फायर स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया और कुछ समय बाद आग पर काबू पा लिया। पुलिस और एंबुलेंस की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं। राहतकर्मियों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित बनाने का काम किया। समय रहते आग पर नियंत्रण मिलने से दूसरे वाहनों और मकानों को व्यापक नुकसान पहुंचने की आशंका टल गई।
फतेहगंज पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार में सबसे पहले आग किस वजह से लगी और उसके बाद सिलेंडर में विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ। जांच में कार की तकनीकी स्थिति, सीएनजी किट की फिटिंग और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं को भी देखा जा रहा है।
फतेहगंज थाने के पुलिस निरीक्षक एएम गढ़वी ने बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच जारी होने के कारण उस समय तक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी। घायल व्यक्तियों की संख्या को लेकर शुरुआती पुलिस बयान और बाद में सामने आई रिपोर्ट में अंतर रहा है, हालांकि स्थानीय समाचार रिपोर्टों में पांच लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है।
इस घटना ने रिहायशी इलाकों में वाहनों की सुरक्षित पार्किंग और सीएनजी सिस्टम की नियमित जांच की आवश्यकता को फिर सामने ला दिया है। विशेषज्ञ सामान्य तौर पर सलाह देते हैं कि सीएनजी किट की फिटिंग और रखरखाव अधिकृत तकनीशियनों से ही कराया जाए। गैस की गंध, रिसाव या असामान्य तकनीकी समस्या दिखाई देने पर वाहन का उपयोग रोककर उसकी जांच करानी चाहिए।
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