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गिरफ्तार फर्जी IPS सुष्मित के खिलाफ और आरोप सार्वजनिक हुए

Basirhat बसीरहाट:आरोपी खुद को पुलिस अधीक्षक बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठता था। वह नीली बत्ती लगी कार में इलाके में घूमता था। वह खुद को पुलिस अधीक्षक रंजॉय चटर्जी बताता था। आरोप है कि उसने पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 11.5 लाख रुपये ठगे थे। उस शिकायत के आधार पर ‘पुलिस अधीक्षक’ रंजॉय चटर्जी उर्फ सुष्मित सेन को जून में अमडांगा थाने ने गिरफ्तार किया था। सोमवार को उसे अदालत में पेश किया गया और पुलिस ने उसे हिरासत में रखने और उससे पूछताछ करने का अनुरोध किया। न्यायाधीश ने पुलिस के अनुरोध को स्वीकार कर लिया। सुष्मित को कोलकाता के गरफा इलाके में एक किराए के घर से गिरफ्तार किया गया था। उस समय पुलिस ने उसके पास से करीब पांच लाख रुपये, एक लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन के साथ फर्जी आधार कार्ड, वोटर कार्ड और सिम कार्ड बरामद किया था। बारासात पुलिस जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आतिश विश्वास ने बताया कि सुष्मित के खिलाफ बरुईपुर और हावड़ा समेत कई थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। बशीरहाट जिला पुलिस एसपी हुसैन मेहेदी रहमान ने बताया कि आरोपी कई महिलाओं से कई छद्म नामों से संबंध बनाता था। युवक का इरादा उनसे मोटी रकम ऐंठने का था। आईपीएस अधिकारी होने की वजह से लोग उस पर आसानी से भरोसा कर लेते थे।




