जमानत की आस में थम गई स्टेन स्वामी की सांस, विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र, भीमा कोरेगांव मामले में जेल में बंद लोगों को रिहा करने की मांग
Stan Swamy's breath stopped in the hope of bail, opposition leaders wrote to the President, demanding the release of those jailed in the Bhima Koregaon case
नई दिल्ली. मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी की हिरासत में मौत के बाद विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारुक अब्दुल्ला सहित वरिष्ठ विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है. पत्र में मांग की गई है कि भीमा कोरेगांव मामले में जेल में बंद कार्यकर्ताओं को रिहा करने किया जाए.
विपक्षी नेताओं ने पत्र में लिखा गया है, ‘हम भारत के राष्ट्रपति के रूप में आपके तत्काल हस्तक्षेप के लिए आग्रह करते हैं कि आप ‘आपकी सरकार’ को निर्देश दें कि उन लोगों के खिलाफ झूठे मामले थोपने, जेल में उनकी निरंतर नजरबंदी और अमानवीय व्यवहार के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाए. उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. अब यह जरूरी हो गया है कि भीमा कोरेगांव मामले में जेल में बंद सभी और राजनीतिक रूप से प्रेरित मामलों के तहत अन्य बंदियों, जिन पर गलत तरीके से यूएपीए और देशद्रोह जैसे कानून के तहत धाराएं लगाई गई हैं, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए.’
दस विपक्षी नेताओं के हस्ताक्षर वाले पत्र में लिखा है, ‘फादर स्टेन स्वामी की हिरासत में मौत पर अपना गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए आपको गहरी पीड़ा में लिख रहे हैं.’ इन नेताओं में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, एमके स्टालिन, हेमंत सोरेन, एचडी देवगौड़ा, तेजस्वी यादव, डी राजा और सीताराम येचुरी भी शामिल हैं.




