जशपुर में कुत्तों के हमलों से ग्रामीणों में दहशत, दो बच्चे गंभीर रूप से घायल

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने गंभीर मामलों में केवल एक डॉक्टर और एक कम्पाउंडर की मौजूदगी चिंता का विषय है। बीएमओ डॉ. सुनील कुमार लकड़ा ने बताया कि घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित किया गया है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रही है। उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र में पागल कुत्तों की मौजूदगी को देखते हुए सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध पशु के संपर्क में आने से बचने की अपील की। पत्थलगांव क्षेत्र के दिवानपुर गांव में भी इसी दिन कुत्तों ने एक बच्चे पर हमला किया। इस घटना में भी बच्चा गंभीर रूप से घायल हुआ। ग्रामीणों ने तत्काल स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में बच्चे का इलाज करवाया। हालांकि इस घटना ने क्षेत्र में पशु सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खामियों को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुत्तों के लगातार हमलों से बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग खासतौर पर परेशान हैं।
प्रशासन
को इस दिशा में न केवल कुत्तों की निगरानी बढ़ाने बल्कि स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त डॉक्टर और स्टाफ तैनात करने की आवश्यकता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना रहेगा। उन्होंने स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इन घटनाओं के बाद अधिकारियों ने इलाके में सर्वे और निगरानी तेज कर दी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि पागल कुत्तों को पकड़ने और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।Source link




