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दुर्ग में म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार


Durg. दुर्ग। साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी के पैसों का लेन-देन करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) दुर्ग और थाना सुपेला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब आवेदक शिव कुमार साव ने थाना सुपेला में आकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका एक बैंक खाता उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में है, जिसे उन्होंने अपने जीजा सुधीर साव को उपयोग करने के लिए दिया था। शुरुआत में उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनका जीजा इस खाते का उपयोग किसी अवैध गतिविधि, विशेष रूप से ऑनलाइन ठगी से प्राप्त पैसों के ट्रांजेक्शन के लिए कर रहा है। बाद में जब आवेदक को शक हुआ और उन्होंने खाता विवरण खंगाला, तब यह सामने आया कि उक्त खाते में 30,000 रुपये की धोखाधड़ी से प्राप्त राशि जमा की गई थी। आवेदक ने इस पर तुरन्त कार्रवाई की मांग की और पुलिस को सभी जरूरी दस्तावेज व जानकारी उपलब्ध कराई।
म्यूल अकाउंट का क्या मतलब है?
“म्यूल अकाउंट” ऐसा बैंक खाता होता है जिसे किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध से प्राप्त अवैध पैसों के लेन-देन के लिए उपयोग किया जाता है। कई बार असली खाता धारकों को यह भी नहीं पता होता कि उनके खाते का उपयोग किस कार्य के लिए हो रहा है, लेकिन जब यह जानबूझकर किया जाता है तो वह भी अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर तत्काल आरोपी सुधीर साव, पिता बैजनाथ साव, उम्र 38 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने

स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर अपने साले शिव कुमार साव के बैंक खाते का उपयोग ठगी की रकम को रिसीव करने के लिए किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। इस पूरे मामले में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की भूमिका सराहनीय रही। यूनिट के आरक्षक चित्रसेन साहू, राजकुमार चंद्रा, जावेद, संजय एवं थाना सुपेला के निरीक्षक विजय कुमार और आरक्षक संतोष राय ने आरोपी की पहचान करने, तकनीकी विश्लेषण करने और उसे गिरफ्तार करने में विशेष योगदान दिया।

आमजन को पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों, एटीएम कार्ड, नेट बैंकिंग की जानकारी किसी को भी बिना विश्वास और जांच के साझा न करें। साथ ही, किसी को भी खाता उपयोग करने की अनुमति देने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वह इसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए कर रहा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में खाता धारक भी कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, विशेषकर तब जब वह जानबूझकर या लापरवाही से अपना खाता अवैध कार्यों के लिए उपलब्ध कराता है। साइबर अपराधी

आजकल तकनीकी जानकारी से लैस हैं और लोगों की साधारण सी लापरवाही को भुनाकर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। म्यूल अकाउंट के जरिए पैसे को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाकर अपनी पहचान छिपाना उनकी मुख्य रणनीति होती है। ऐसे में साइबर सतर्कता और व्यक्तिगत जागरूकता ही इन अपराधों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी सुधीर साव का किस साइबर गिरोह या ठगी नेटवर्क से संपर्क था, और क्या उसने अन्य मामलों में भी इसी तरह से म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल किया है। इस दिशा में साइबर यूनिट तकनीकी विश्लेषण और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि दुर्ग पुलिस साइबर अपराधों के प्रति गंभीरता से कदम उठा रही है और आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाने के लिए तकनीकी संसाधनों के साथ सतत निगरानी कर रही है।

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