दुर्ग में म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर अपने साले शिव कुमार साव के बैंक खाते का उपयोग ठगी की रकम को रिसीव करने के लिए किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। इस पूरे मामले में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की भूमिका सराहनीय रही। यूनिट के आरक्षक चित्रसेन साहू, राजकुमार चंद्रा, जावेद, संजय एवं थाना सुपेला के निरीक्षक विजय कुमार और आरक्षक संतोष राय ने आरोपी की पहचान करने, तकनीकी विश्लेषण करने और उसे गिरफ्तार करने में विशेष योगदान दिया।
आजकल तकनीकी जानकारी से लैस हैं और लोगों की साधारण सी लापरवाही को भुनाकर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। म्यूल अकाउंट के जरिए पैसे को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाकर अपनी पहचान छिपाना उनकी मुख्य रणनीति होती है। ऐसे में साइबर सतर्कता और व्यक्तिगत जागरूकता ही इन अपराधों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी सुधीर साव का किस साइबर गिरोह या ठगी नेटवर्क से संपर्क था, और क्या उसने अन्य मामलों में भी इसी तरह से म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल किया है। इस दिशा में साइबर यूनिट तकनीकी विश्लेषण और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि दुर्ग पुलिस साइबर अपराधों के प्रति गंभीरता से कदम उठा रही है और आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाने के लिए तकनीकी संसाधनों के साथ सतत निगरानी कर रही है।




