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दो पालियों में आयोजित हुई जिले में एनएमएमएस की परीक्षा


Raigarh. रायगढ़। भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय, स्कूल शिक्षा विभाग और साक्षरता विभाग, नई दिल्ली द्वारा प्रतिवर्ष शासकीय, शासकीय अनुदान प्राप्त और स्थानीय निकाय के द्वारा संचालित शालाओं में कक्षा आठवीं में अध्यनरत विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन किया जाता है। उक्त परीक्षा के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों जिनके पालकों की वार्षिक आय समस्त स्रोतों से तीन लाख पचास हजार से कम हो के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर उक्त छात्रवृत्ति कक्षा 09 से 12 वीं तक प्रतिमाह रु 1000 की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके लिए विद्यार्थियों को शासकीय शाला, शासकीय अनुदान प्राप्त एवं स्थानीय निकाय विद्यालय के कक्षा आठवीं में अध्यनरत विद्यार्थी जो वर्तमान सत्र में अध्यनरत है, उनको इस परीक्षा में बैठने की पात्रता होती है। इस वर्ष उक्त परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा आयोजित किया गया है।
ज्ञात हो इस परीक्षा में छत्तीसगढ़ राज्य को कुल 2246 कोटा आबंटित है। रायगढ़ जिले के अंतर्गत कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल एवं सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. केवी राव के मार्गदर्शन पर जिले में संचालित शालाओं में पात्र 2640 आवेदन भराया गया तथा उनका पंजीयन कराया गया था। परीक्षा का मुख्य एवं नोडल केंद्र शासकीय जूटमिल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायगढ़ को बनाया गया। जिसके लिए केंद्र प्रभारी प्राचार्य श्री संतोष चंद्रा को बनाया गया था। उक्त परीक्षा के लिए छात्रों का पंजीयन

अधिक होने के कारण छात्रों की सुविधा को ध्यान रखते हुए रायगढ़ जिले के अंतर्गत दो मुख्य केंद्र जूटमिल स्कूल, रायगढ़ और बालक शाला पुसौर बनाया गया था। साथ ही सभी विकासखंडों में 10 उपकेंद्र कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। 15 फरवरी 2025 को उक्त परीक्षा दो पालियों में प्रात: 10 से 11.30 बजे और अपराह्न 01 से 02.30 तक आयोजित की गई। जिला नोडल श्री भुवनेश्वर पटेल, एपीसीए समग्र शिक्षा रायगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि उपरोक्त दोनों पालियों में पंजीकृत 2640 विद्यार्थियों में से 2491 विद्यार्थी उपस्थित रहे एवं 149 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा शांतिपूर्ण रूप से संचालित हुई। प्रत्येक केंद्र के लिए एक अतिरिक्त ऑब्जर्वर की नियुक्ति की गई थी साथ ही सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा केंद्र का सघन निरीक्षण किया गया।

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