नशीली सिरप प्रकरण में मेडिकल संचालक और सहसंचालक गिरफ्तार

Raipur. रायपुर। राजधानी पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली सिरप के अवैध कारोबार का पर्दाफाश करते हुए अधिराज मेडिकल, मॉडल टाउन भिलाई के संचालक और सहसंचालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से मेडिकल लाइसेंस का दुरुपयोग कर नशीली सिरप का धंधा कर रहे थे। इस कार्रवाई से नशे के काले कारोबार में शामिल बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

मामला कैसे खुला

पुलिस ने 25 अगस्त 2025 को कबीर नगर थाना क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 100 शीशी टस्कोरेक्स सिरप (Tuscorex Syrup) बरामद हुई थी। प्रत्येक शीशी 100 एमएल की थी और कुल कीमत लगभग 25 हजार रुपये आंकी गई थी। आरोपियों से पूछताछ और फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकजेस खंगालने पर पता चला कि यह प्रतिबंधित सिरप अधिराज मेडिकल, मॉडल टाउन भिलाई के लाइसेंस के आधार पर मंगाई जा रही थी।

मेडिकल संचालक और सहसंचालक गिरफ्तार

इस सुराग के आधार पर पुलिस ने मेडिकल संचालक उदित शर्मा और सहसंचालक सूजा कुरैशी उर्फ सन्नी को थाने बुलाकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे पिछले तीन वर्षों से मेडिकल लाइसेंस का इस्तेमाल कर नशीली सिरप का अवैध कारोबार कर रहे थे। आरोपी सिरप की खरीद-फरोख्त से संबंधित कोई दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर पाए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) और 29 के तहत अपराध दर्ज करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

आरोपी कौन हैं?

सूजा कुरैशी उर्फ सन्नी, पिता खुर्शीद कुरैशी, उम्र 36 वर्ष, निवासी न्यू आदर्श नगर, थाना पद्मनाभपुर जिला दुर्ग।

उदित शर्मा, पिता अनिल चंद्र शर्मा, उम्र 51 वर्ष, निवासी स्मृति नगर ब्लॉक A/465, थाना सुपेला जिला दुर्ग।

दोनों आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने मेडिकल व्यवसाय की आड़ में लंबे समय से नशीली दवाइयों का कारोबार कर युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेला।

पुलिस की सख्त कार्रवाई

पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज श्री अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन पर राजधानी पुलिस नशे के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नशे का अवैध कारोबार करने वालों की पतासाजी कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

नेटवर्क की तलाश जारी

पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकजेस की जांच की जा रही है। यानी यह सिरप कहां से खरीदी गई, किन-किन राज्यों से सप्लाई हो रही थी और इसे किन लोगों तक बेचा जा रहा था। पूछताछ में कई और नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर नशीली दवाओं का कारोबार करता रहा है।

कार्रवाई में पुलिस टीम की भूमिका

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में निरीक्षक सुनील दास (थाना प्रभारी कबीरनगर), उप निरीक्षक लोकेश्वर सदावर्ति, प्रधान आरक्षक आलोप राठौर, आरक्षक दीपक सिंह ठाकुर और खगेश्वर राठिया की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नशीली दवाओं और सिरप के अवैध कारोबार की जानकारी पुलिस को दें। साथ ही युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज को स्वस्थ बनाने में सहयोग करने की भी अपील की गई।

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