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प्रदेश के स्कूल-कालेजों के लिए बनेंगे अलग-अलग निदेशालय

Shimla. शिमला। नए वित्त वर्ष में सुक्खू सरकार 10 डे-बोर्डिंग स्कूल बनाएगी। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में तीसरे बजट भाषण के दौरान यह घोषणा की है। इन स्कूलों में सभी तरह की आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी। इनके निर्माण पर 31 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रथम चरण में वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल अब राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल कहलाएंगे। इसमें गगरेट, अंब, हरोली, बंगाणा, बड़सर, सुजानपुर, धर्मशाला, ज्वाली, इंदौरा, सरकाघाट, हमीरपुर, भोरंज, बड़ा, नादौन, घुमारवीं, देहरा, जयसिंहपुर, शाहपुर, भटियात, फतेहपुर, पालमपुर, अर्की, सिराज, ढलियारा, शिलाई, रिकांगपिओ (किन्नौर), केलांग, ठियोग, नगरोटा, कुल्लू और जोगिंद्रनगर स्कूल शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रबंधन के लिए शिक्षा निदेशालयों का पुनर्गठन किया
जाएगा।
स्कूल शिक्षा के लिए एक अलग निदेशालय बनाया जाएगा और कालेज तथा उच्च शिक्षा से जुड़े विषयों को देखने के लिए एक अलग निदेशालय का गठन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक विधानसभा में प्री-नर्सरी से 12वीं कक्षा तक कम से कम 750 बच्चों वाले स्कूलों को भी डे-बोर्डिंग स्कूलों के मापदंडों पर विकसित किया जाएगा। सुजानपुर स्थित सैनिक स्कूल की मरम्मत के लिए 3 करोड़ रुपए की राशि दिए जाने की घोषणा की है। प्रदेश में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ऊना और कांगड़ा में कालेज की छात्राओं के लिए चार होस्टल बनाए जाएंगे। हमीरपुर और सुजानपुर में स्कूली लड़कियों के लिए चार होस्टल बनाए जाएंगे। प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों और अध्यापकों की डिजिटल अटेंडेस शुरू की जाएगी। इसमें स्कूलों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल युग की तरफ ले जाना है। ऐसे में इसमें अब हाजिरी का रिकार्ड पूरी तरह से ऑनलाइन रखा जाएगा।




