#Social

बैंक के सहायक मैनेजेर से साइबर फ्रॉड करने वाले को पुलिस ने दबोचा


Hathras: हाथरस। हाथरस जनपद में पीएनबी के सहायक मैनेजर के साथ बीमा पॉलिसी व फाइल चार्ज के नाम पर किए गए साइबर फ्रॉड का पुलिस ने खुलाया किया। रुपयों को थोडे ही समय में दोगुना करने का प्रलोभन देकर सहायक मैनेजर को ठगी का शिकार बनाया था। पुलिस ने शातिर को गिरफ्तार कर, उसके पास से पांच मोबाइल फोन, चैक बुक, दो एटीएम, आधार कार्ड, पैन कार्ड व 4,140 रुपए बरामद किए हैं।
कोतवाली सादाबाद क्षेत्र के गांव नगला तासी निवासी विजय कुमार पुत्र श्रीराम सासनी की पंजाब नेशनल बैंक में सहायक मैनेजर के पद पर तैनात हैं। उनके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने उसके पीएनबी मेटलाइफ टर्म प्लान में एजेंट कोड हटाने के लिए 25 हजार रुपए भेजने के लिए कहा। जिस पर उनके द्वारा 25 हजार रुपए आईएमपीएस के माध्यम से पैसे भेज दिये गये। इसके बाद एक पॉलिसी लेने की बात कहते हुए 6000 रुपए प्रतिमाह मिलता रहेगा, यह एक वन टाइम पॉलिसी है। जिस पर उन्होंने रुपए डाल दिए। पॉलिसी की फाइल में कमी होने की कहकर बार-बार विभिन्न खातों में पैसे डलवाये गये।
मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिंहा ने थाना साइबर क्राइम पुलिस खुलासा करने के निर्देश दिए गए। पुलिस टीम के कठिन परिश्रम, प्रयासोपरान्त संकलित साक्ष्यों, थाना साइबर क्राइम की टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा बीमा पॉलिसी व फाइल चार्ज के नाम से रूपयों की ठगी करने वाले अभियुक्त बिकुल कुमार उर्फ सोनू पुत्र दिनेश निवासी नरमा धनुखी थाना हथौली जिला मुजफ्फरपुर बिहार हाल निवासी मकान नंबर 33 सिद्धार्थ बिहार थाना अंकुर बिहार लोनी जिला गाजियाबाद को हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया यगा है। उसके कब्जे से पांच मोबाइल फोन, तीन चैक बुक, दो एटीएम, चार आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, तीन मतदाता पहचान पत्र व 4,140 रुपए बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त साइबर कैफे का संचालन करता है। अभियुक्त द्वारा फर्जी आधार कार्ड द्वारा बैंक एकाउंट खुलवाकर अपने साइबर कैफे की मदद से लोगों को बीमा पॉलिसी व फाइल चार्ज व रुपयों को थोडे ही समय में दोगुना करने जैसे प्रलोभन देकर बैंक खातों में बडी रकम डलवाकर उनके साथ ठगी की घटना को अंजाम देता था। जिसके बाद नम्बर बन्द कर दिये जाते थे। फर्जी प्रपत्रों पर सिम ले लेते थे, बैंक एकाउंट भी खुलवा लेते थे। फोन काल द्वारा टारगेट किये गये व्यक्ति को बीमा पॉलिसी के नाम से कम समय में दोगुना फायदा दिखाकर रुपये खातों में डलवा लिये जाते थे, जिसके बाद बार बार प्रपत्रों में कमी निकालकर फाइल चार्ज के नाम से पैसा डलवाते रहते थे, बाद में मोबाइल नम्बरों को बन्द कर दिया जाता था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button