भारतीय यात्रियों को बड़ी राहत, जर्मनी ने खत्म की एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता, दूतावास ने की घोषणा

Airport Transit Visa: नई दिल्ली। जर्मनी ने भारतीय नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। नई व्यवस्था 3 जून 2026 से लागू हो गई है, जिसके तहत भारतीय यात्री अब जर्मनी के हवाई अड्डों पर ट्रांजिट के दौरान बिना अलग ट्रांजिट वीजा के किसी तीसरे देश की यात्रा कर सकेंगे। इस फैसले की आधिकारिक घोषणा जर्मनी के फेडरल लॉ गजट में प्रकाशित की गई।

भारत-जर्मनी संबंधों को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली स्थित जर्मन दूतावास के अनुसार, यह निर्णय दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और लोगों की आवाजाही को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। माना जा रहा है कि इससे व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।
जनवरी की वार्ता का नतीजा
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की जनवरी 2026 में भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई थी। दोनों देशों ने रक्षा, तकनीक, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स और आर्थिक सहयोग से जुड़े कई समझौतों पर सहमति जताई थी। ट्रांजिट वीजा में छूट भी उसी सहयोग का हिस्सा मानी जा रही है।
व्यापारिक रिश्तों में लगातार वृद्धि
भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों ने हाल के वर्षों में व्यापार, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और निवेश से जुड़े कई समझौतों को अंतिम रूप दिया है, जिससे आर्थिक साझेदारी को नई गति मिली है।
क्या है ट्रांजिट वीजा?
ट्रांजिट वीजा एक अस्थायी अनुमति होती है, जो यात्रियों को किसी अन्य देश के रास्ते अपने अंतिम गंतव्य तक पहुंचने के दौरान सीमित समय के लिए रुकने की अनुमति देती है। इसके लिए यात्री को अपनी आगे की यात्रा का प्रमाण प्रस्तुत करना होता है। इस वीजा का उद्देश्य केवल यात्रा के दौरान ठहराव की अनुमति देना होता है, न कि उस देश में लंबे समय तक रहने की।
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