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मंडी में बारिश और ओले ही ओले

Market. मंडी। बिगड़े मौसम के मिजाज के किसानों को सकते में डाल दिया है। क्योंकि इन दिनों जिलाभर में गेहूं की फसल की कटाई का काम जोरों पर है। ऐसे में गुरुवार को मंडी में मौसम ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। सुबह-सवेरे से ही हल्के बादलों के मंडराने से किसानों व बागबानों की चिंता बढ़ गई। वहीं मौसम विभाग ने भी एक मई से हिमाचल प्रदेश में मौसम खराब होने का पूर्वानुसान लगाया है। जिसके चलते गुरुवार शाम को ही मौसम ने करवट बदल ली है। जिला सरकाघाट क्षेत्र के पटड़ीघाट, ढलवान, कलखर, बल्ह सहित अन्य क्षेत्रों में देर शाम को जमकर बारिश व ओलावृष्टि हुई है। जिसके चलते मौसम विभाग के आंकड़ों के पिछले दिनों के मुकाबले जिला के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में मौसम खराब होने के आसार जताएं है। बता दें कि वर्तमान समय में मंडी जिला में करीब 50-60 फीसदी गेहूं की कटाई किसान कर चुकी हैं। जबकि 30 प्रतिशत गेहूं जिला में कटना शेष है। जबकि 10-20 प्रतिशत कटी हुई गेहूं
खेतों में हैं।
लेकिन बिगड़े मौसम के कारण किसानों को कटी फसलों को नुकसान पहुंचने की चिंता सता रही है। देर रात तूफान व आसमानी गर्जना के कारण गेहूं की फसल प्रभावित व पशुओं का चारा खराब हो सकता है। फसल कटाई के दौरान बिगड़ा मौसम का मिजाज किसानों की मेहनत पर भारी पड़ गया है। किसान प्रकाश चंद, लाभ सिंह, मोहर सिंह, चेत राम, जगदीश, मनोहर लाल, ब्यासा देवी, चतर सिंह, खेम राज, त्वारसू, कर्म चंद सहित अन्य का कहना है कि गेहूं की फसल की कटाई का कार्य लगे हुए मात्र चार से पांच दिन ही हुए है। जिसके चलते इस बार फसल की कटाई पूरे समय पर नहीं हो पा रही है। क्योंकि इस बार समय पर बारिश न होने के कारण गेहूं की बिजाई समय पर नहीं हो पाई थी। जिस कारण गेहूं की फसल समय पर तैयार नहीं हो पाई है। कुछ जगह आधी कच्ची-पक्की फसल है। इसके बावजूद उन्होंने कटाई का कार्य शुरु कर दिया है। गौरतलब है कि मंडी जिला में गत कुछ दिनों से गर्मी के पारा लगातार बढ़ता जा रहा था। मंडी जिला सहित अन्य क्षेत्रों में गर्मी का पारा(अधिकतम तापमान) 35 डिग्री सेल्सियस से पार चढ़ गया था। लेकिन गुरुवार को शाम पांच बजे के बाद बारिश शुरु होते ही मौसम कूल-कूल हो गया है।




