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मिड डे-मील वर्कर्ज का एजेंडा तैयार

Shimla. शिमला। मिड डे-मील वर्कर्ज यूनियन संबंधित सीटू की बैठक कैथू शिमला में सम्पन्न हुई। इस दौरान 39 सदस्यीय कमेटी गठन किया गया। संदीप कुमार को अध्यक्ष, शांति देवी को महासचिव, सपना को कोषाध्यक्ष, हिमी देवी, इंद्र सिंह, गुरदास वर्मा, पूनम, विपिन, रीता को उपाध्यक्ष, श्यामा, सरिता, मीरा खान, नरेंद्र विरुद्ध, बालक राम, राजमिला को सचिव, सुलक्षणा, लेखराज, चंपा, बिमला, ललिता, सुलोचना, प्रेमिनिला, रामदास, मीरा, भुवनेश्वरी, निशा, बबीता, महेंद्र, विनीत, ओमप्रकाश, सुदेश, सरीना, ऊषा, कौशल्या, सरोज, बच्चन, गोपाल को कमेटी सदस्य चुना गया। इस दौरान मांगों का एजेंडा तैयार किया गया। सम्मेलन को सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, उपाध्यक्ष जगत राम, यूनियन राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हिमी देवी, संदीप कुमार व शांति देवी ने
संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि मजदूर विरोधी चार लेबर कोड मिड डे मील वर्कर्स विरोधी नीतियों के खिलाफ खिलाफ नौ जुलाई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कार्यरत 21 हजार मिड डे मील कर्मियों की स्थिति बेहद दयनीय है। इनके लिए मात्र पांच हजार रुपए प्रतिमाह वेतन घोषित किया गया है जोकि कई कई महीनों तक नहीं मिलता है। वेतन की राज्य व केंद्र की हिस्सेदारी भी हर महीने अदा नहीं की जाती है। मजदूरों को कभी भी पूरा वेतन नहीं मिलता है। समय पर वेतन न मिलने से मिड डे मील कर्मियों को अपना जीवनयापन करना बेहद मुश्किल हो रहा है। मिड डे मील वर्करज यूनियन सम्बन्धित सीटू द्वारा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका पर प्रदेश उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच ने वर्ष 2019 व डबल बेंच ने वर्ष 2024 में फैसला दिया है कि मिड डे मील कर्मियों को 10 महीने के बजाए 12 महीने का वेतन दिया जाए परन्तु प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक इस फैसले को लागू नहीं किया गया है।




