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रसोईगैस की कीमतों में बढ़ोतरी के फैसले वापस ले सरकार


Chamba. चंबा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माक्र्सवादी ने देश में बढ़ती मंहगाई पर अकुंश लगाने की मांग उठाई। साथ ही रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि का फैसला तुरंत वापस लेकर पुरानी सब्सिडी की बहाली भी मांगी है। इस आशय की मांग को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माक्र्सवादी ने गुरुवार को उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया है। जिला कमेटी सदस्य नरेंद्र ने कहा कि केंद्र सररकार रसोई गैस, पेट्रोल डीजल की कीमत में बढ़ोतरी करके देश की जनता पर बोझ डाल रही है। आज जनता महंगाई से परेशान है। आटा चावल की कीमतें आसमान छू रही हैं। सरकार लगातार अप्रत्यक्ष कर बढ़ा रही है। बेरोजगारी अपने चरम पर है। आमदनी कम होती जा रही है महंगाई के कारण खर्चा बढ़ रहा है। सरकार की नीतियों से पूंजीपतियों को फायदा दिया जा रहा है। दुनिया में कच्चा तेल सस्ता हुआ है, लेकिन भारत में तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पेट्रोलियम को बड़े कारपोरेट को बेचा जा रहा है। रसोई गैस में 50 रुपए की बढ़ोत्तरी की

गई है।

मोदी सरकार ने रसोई गैस को पहले घर घर तक मुफ्त में दिया अब उसे निजी कंपनियों को बेचा जा रहा है। ऐसा लगता है की मोदी सरकार पूंजीपतियों का कर्ज उतार रही है। देश में जनता को साप्रंदायिक हिंसा में झोंका जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा कारपोरेट एवं पूंजीपति परस्त नीतियों को लागू करने के कारण देश में भयंकर किस्म की बेरोजगारी बढ़ रही है। नए रोजगार सृजित नहीं हो रहे हैं। मजदूरों, कर्मचारियों के संघर्षों से हासिल अधिकारों को छीना जा रहा है। किसानों के खिलाफ तरह तरह के कानून व नीतियां थोंपने की कोशिश लगातार जारी है। जनता को जो सुविधाएं पहले मिलती थी उनको भी छीना जा रहा है। बड़े-बड़े पूंजीपतियों को भारी भरकम सब्सिडियां व टैक्स में तरह-तरह की छूट दी जा रही है। सरकार के खिलाफ जो जनता में आक्रोश पैदा होता है उसको तरह-तरह के काले कानून लाकर सख्ती से कुचला जा रहा है। जनता के आक्रोश को भटकाने के लिए सांप्रदायिक मुद्दों को उछाला जाता है।

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