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रहनूकोठी में पावर प्रोजेक्ट का शुरूआती दौर में विरोध

चंबा। जनजातीय उपमंडल भरमौर की ग्राम पंचायत रहनूकोठी में प्रस्तावित 2.5 मैगावाट के पावर प्रोजेक्ट का शुरूआती दौर में भी विरोध शुरू हो गया। मंगलवार को कंपनी के अधिकारियों संग भूमि की निशानदेही संबंधित कार्यों के लिए आई राजस्व व वन विभाग की टीम को ग्रामीणों ने बैरंग वापस लौटा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रस्तावित पावर प्रोजेक्ट के सुरंग निर्माण कार्य से उपरी हिस्से में बसे सामरा गांव का अस्तित्व खतरे में जाएगा। इसलिए सरकार व प्रशासन पहले ग्रामीणों के घरों व जमीनों की जिम्मेदारी ले। इसके बाद ही ग्रामीण पावर प्रोजेक्ट का काम आरंभ होने देंगे।
जानकारी के अनुसार रहनूकोठी में 2.5 मैगावाट के पावर प्रोजेक्ट का काम आरंभ होने जा रहा है। इसके लिए पावर प्रोजेक्ट निर्माण कार्य का जिम्मा संभालने वाली कंपनी द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया निपटाई जा रही है। मगर इस पावर प्रोजेक्ट का ग्रामीण सीधे तौर पर विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस पावर प्रोजेक्ट की सुरंग निर्माण से जहां उपरी हिस्से में बसे सामरा गांव के घर व जमीन खतरे की जद में आ जाएंगें वहीं पशुओं की चारागाहों और पर्यावरण को भी नुकसान होगा।
ग्रामीण अश्वनी कुमार, सुनील कुमार, प्रवीण कुमार, मस्त राम, अशोक कुमार, देवो राम, राणा राम, शिमलो देवी, इंद्रा देवी, अनिला देवी, रेखा देवी व सुलोचना आदि का कहना है कि इलाकावासियों के विरोध के बावजूद कंपनी प्रबंधन की ओर से बार-बार प्रोजेक्ट का काम आरंभ करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंगलवार को भी कंपनी प्रबंधन राजस्व व वन विभाग की टीम संग निशानदेही कार्य के लिए पहुंचा था, जिसकी भनक लगते ही वे मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट की सुरंग निर्माण से उपरी हिस्से के सामरा गांव के घरों व जमीनों को खतरा पैदा हो जाएगा। इसलिए ग्रामीण पावर प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीसी व एडीएम भरमौर स्वयं मौके पर आकर ग्रामीणों को सुरंग निर्माण से होने वाले नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी लें। अन्यथा वे पावर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य किसी भी सूरत में आरंभ नहीं होने देंगे।




