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श्रींजॉय चाहते हैं कि संजीव क्लब में अधिक बार शामिल हों

Kolkata कोलकाता:मोहन बागान में टूटू बसु का कार्यकाल समाप्त हो गया है। 1991 से 34 साल तक सचिव और अध्यक्ष के रूप में काम करने के बाद अब वे नई समिति में नहीं हैं। अब उनकी कमान उनके बड़े बेटे श्रींजॉय बसु के हाथों में है। श्रींजॉय शनिवार को निर्विरोध सचिव बने। चयन समिति के प्रमुख पूर्व न्यायमूर्ति असीम रॉय ने आज दोपहर क्लब टेंट में एक प्रेस वार्ता में श्रींजॉय और कार्यसमिति के 21 सदस्यों के नामों की घोषणा की। इससे पहले श्रींजॉय 2020-21 में 23 महीने तक सचिव रहे थे, लेकिन उस समय टूटू बसु अध्यक्ष थे। इस बार श्रींजॉय की समिति के अध्यक्ष देबाशीष दत्ता हैं। सोमवार को क्लब की पहली कार्यसमिति बैठक में देबाशीष के नाम की घोषणा होने में बस कुछ ही समय बाकी है। श्रींजॉय के सचिव बनने के बाद उनके समर्थकों ने क्लब लॉन पर गुलाब की पंखुड़ियां बिखेरकर और आतिशबाजी करके जश्न मनाया। एक सप्ताह पहले भी दोनों गुटों ने चुनावों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए थे। इस दिन नई कमेटी ने ‘वी आर वन’ की धुन पर जीत का जश्न मनाया।
अब क्लब में टूटू बसु की क्या भूमिका है?
प्रभार संभालने के बाद श्रींजय ने कहा, ‘क्लब में कई लोग बिना पद के काम करते हैं। टूटू बसु भी ऐसे ही रह सकते हैं। लेकिन यह तय है कि वह जो भी भूमिका निभाएंगे, उनका आशीर्वाद हमारे साथ रहेगा।’
जहां संजीव गोयनका टीम फुटबॉल के प्रभारी हैं, वहीं मोहन बागान की नई कमेटी क्लब में जल्द ही महिला फुटबॉल टीम बनाना चाहती है। उनका उद्देश्य घोषणापत्र में सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों को लागू करना होगा।
नई समिति में आने वाले लोग: सृंजय बसु (सचिव), सत्यजीत चटर्जी (सह सचिव), संदीपन बनर्जी (कोषाध्यक्ष), सुरजीत बसु (वित्त सचिव), स्वपन बनर्जी (फुटबॉल सचिव), सम्राट भौमिक (क्रिकेट सचिव), श्यामल मित्रा (हॉकी सचिव), सिद्धार्थ रॉय (टेनिस सचिव), शिल्टन पॉल (युवा फुटबॉल सचिव), पिंटू विश्वास (एथलेटिक्स सचिव), शास्वत बसु (फील्ड) सचिव), कार्य समिति के सदस्य: मुकुल सिन्हा, सोहिनी मित्रा चौबे, सोमेश्वर बागुई, काशीनाथ दास, देबप्रसाद मुखर्जी, सुदीप्तो घोष, देबज्योति बसु, रंजन बसु, पार्थजीत दास, संजय मजूमदार और अनुपम साहू।




