संघर्षों से भरा जीवन जीया लेकिन आखिरकार ओलंपिक मेडल हाथ में आया तो आंखे भर आई
Lived a life full of struggles, but finally the Olympic medal came in hand, my eyes filled with tears.
भारत की बेटी ने आज वो कमाल कर दिया कि जमाना याद रखेगा। वो गरीबी, वो आंसू, वो दर्द…और जोश से भरा जज्बा!! टूटकर चांदी सा बिखर जाना क्या होता है, आज दुनिया को सीखा गयी मीराबाई चानू। ओलंपिक के दूसरे दिन भारत की झोली में पहला मैडल डालने वाली मीराबाई चानू आज हर भारतीयों की जुबान बन गयी है। टोक्यों में सिल्वर जीतने की खबर जैसे ही भारत पहुंची, सोशल मीडिया से लेकर न्यूज मीडिया में एक ही नाम चढ़ा, वो था मीराबाई चानू । चानू ओलंपिक में वेटलिफ़्टिंग में सिल्वर मेडल लाने वाली पहली भारतीय एथलीट हैं. उन्होंने 49 किलोग्राम भार में यह पदक जीता है. इस वर्ग में चीन की होऊ ज़हुई ने गोल्ड और इंडोनेशिया की विंडी असाह ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता.चानू ने कुल 202 किलोग्राम भार उठाकर भारत को सिल्वर मेडल दिलाया.
ओलंपिक की प्रैक्टिश के लिए मीराबाई चानू ने अमेरिका में लंबा वक्त गुजारा। इस दौरान उसने अपनी बहन की शादी तक को छोड़ दिया, ना वो मोबाइल चलाती थी और ना ही कुछ परिवार के लोगों से मेल मुलाकात।



