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साहब, घंटों लाइन में, फिर भी नहीं मिलती दवाई

Solan. सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में लोग दवाई लेने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते हैं और संबंधित कर्मी 4 बजते ही काऊंटर बंद कर देते हैं। ऐसे में उन्हें मजबूरन जेबें ढीली कर निजी दुकानों से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। काउंटर गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में सोलन ही नहीं बल्कि जिला शिमला व सिरमौर के लोग अपनी बीमारियों के ईलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अकसर अस्पताल में लोगों की भीड़ रहती है। अस्पताल में चैक कराने के बाद डाक्टरों द्वारा उन्हें दवाई लिखी जाती है, जिसे अस्पताल में बने दवा काउंटर से लेने को कहा जाता है। लेकिन इस दवा काउंटर में घंटों इंतजार करने के बाद भी चार बजते ही काउंटर बंद कर दिया जाता है और उन्हें निराश होना पड़ता है। कुछ ऐसा ही वाक्या शुक्रवार को भी अस्पताल में देखने को
मिला।
अस्पताल पहुंची बुजुर्ग महिला सावित्री ने कहा कि वे करीब डेढ़ घंटा लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन जैसे ही उनका नंबर आने वाला तो काउंटर को बंद कर दिया गया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से इस ओर ध्यान देने की मांग की है। 80 वर्षीय बृज मोहन ने कहा कि चार बजे दवा काउंटर बंद करने का कोई औचित्य नहीं है, जबकि अस्पताल में कई डाक्टर शाम 6 बजे तक मरीजों को देखते हैं। उन्होंने कहा कि वे करीब एक घंटा लाइन में लगे रहे, लेकिन उसके बादकाउंटर बंद कर दिया गया। लक्ष्मी देवी ने कहा कि वे सुबह 11 बजे से लाइन में लग गई थीं और दोपहर 1 बजे लंच टाइम हो गया है। उसके बाद जब वह फिर आई तो काफी रश था और 4 बज ेकाउंटर को बंद कर दिया गया। इस संदर्भ में क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के एमएस डा. एमपी सिंह ने कहा कि अस्पताल में फार्मासिस्ट के और पदों के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। दवा काउंटर में लाइन में लगे लोगों का दवा मुहैया करवाने के निर्देश कर्मियों को दिए जाएंगे।




