सूचना एकत्रित करने के नाम पर सदन को गुमराह कर रही है सरकार

के विधायक के पास अपने सोर्सेज से इसके बारे में जानकारी आई है। जो बहुत गंभीर है। सरकार को चाहिए कि वह इस मामले की गंभीरता से जांच करवाए। यह मामला अभी संज्ञान में आया है और यह मामला यहीं रुकने वाला नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस बार के बजट अनुमान पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं। यह सरकार के वित्त और योजना विभाग की सम्पूर्ण नाकामी है। ऐसा पहली बार हुआ है जब प्रदेश के सकल बजट का 30 फीसदी है। सरकार के सारे बजट अनुमान हवा हवाई साबित हुए हैं। फिस्कल प्रुडेंस और फ़ाइनेंसियल डिस्प्लेन वाली सरकार का यह हाल है। बजट अनुमान और उसकी हकीकत के बीच ज़मीन आमान का फ़र्क़ है। जबकि सरकार द्वारा लोगों के पैसे रोकने के अलावा कोई और बड़ा काम नहीं हुआ है। विधायक निधि भी नहीं दी जा रही है। इसके बाद भी बजट अनुमान इस तरह से नाकाम हुआ। प्रदेश भर में हर तरफ़ निराशा का माहौल है।



