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सूचना एकत्रित करने के नाम पर सदन को गुमराह कर रही है सरकार


Shimla. शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मीडिया के प्रतिनिधियों से बात करते हुए कहा कि सरकार में हर जगह अराजकता है। जिसका जवाब सरकार नहीं देती है। अब सदन में सूचना मांगने के बाद भी सरकार झूठ बोल रही है। सूचना एकत्रित करने के नाम पर सरकार सदन को भी गुमराह कर रही है। चुनाव के दौरान कांगड़ा सहकारी बैंक द्वारा सिर्फ देहरा विधानसभा में महिला मंडलों को जी भर भर के पैसा दिया गया। विधानसभा सदस्य के पास अपनी सूचना दे रहे हैं तो सरकार को उस सूचना पर संज्ञान लेने के बजाय उस पैर सवाल उठाया जा रहा है। जब चुनाव प्रक्रिया चल रही थी उसी समय में एक बैंक द्वारा एक ही विधानसभा क्षेत्र के महिला मंडलों को कैसे पैसा दिया गया। क्या कांगड़ा बैंक ने अपने कार्य क्षेत्र में आने वाले अन्य जगहों पर भी इसी तरह की सुविधा प्रदान की है? क्या अन्य क्षेत्रों के लोगों को यह सुविधा दी गई। इस मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। यह सामान्य मामला नहीं हैं। इसकी जांच सरकार द्वारा निष्पक्षता से करवाई जानी चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि इस तरह से पहले कभी नहीं हुआ। जो आंकड़े कंप्यूटर में है, उसे एकत्रित करने में कितना समय लगता है। हैरानी की बात तो यह है कि सरकार यह भी नहीं बता रही है कि यह आंकड़े कब तक आएंगे। क्या यह आंकड़े इतने गोपनीय हैं कि सरकार उसे विधान सभा पटल पर नहीं रख सकती है। या सरकार को इसमें किसी घोटाले का अंदाज़ा हो गया है जो अब वह सच्चाई छिपा रही है। यहाँ सारा मामला सरकार की नीयत का है। हमारी पार्टी

के विधायक के पास अपने सोर्सेज से इसके बारे में जानकारी आई है। जो बहुत गंभीर है। सरकार को चाहिए कि वह इस मामले की गंभीरता से जांच करवाए। यह मामला अभी संज्ञान में आया है और यह मामला यहीं रुकने वाला नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस बार के बजट अनुमान पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं। यह सरकार के वित्त और योजना विभाग की सम्पूर्ण नाकामी है। ऐसा पहली बार हुआ है जब प्रदेश के सकल बजट का 30 फीसदी है। सरकार के सारे बजट अनुमान हवा हवाई साबित हुए हैं। फिस्कल प्रुडेंस और फ़ाइनेंसियल डिस्प्लेन वाली सरकार का यह हाल है। बजट अनुमान और उसकी हकीकत के बीच ज़मीन आमान का फ़र्क़ है। जबकि सरकार द्वारा लोगों के पैसे रोकने के अलावा कोई और बड़ा काम नहीं हुआ है। विधायक निधि भी नहीं दी जा रही है। इसके बाद भी बजट अनुमान इस तरह से नाकाम हुआ। प्रदेश भर में हर तरफ़ निराशा का माहौल है।

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