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सेबी ने अमेरिकी फर्म पर लगाई रोक, 4,843 करोड़ रुपए जमा करने का दिया आदेश


मुंबई: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट और उससे जुड़ी तीन अन्य संस्थाओं को शेयर बाजार में कारोबार करने से रोक दिया है। साथ ही उसे 4,843.5 करोड़ रुपए जमा करने का आदेश किया गया है।
अपने आदेश में नियामक ने इन संस्थाओं के बैंक खातों से डेबिट फ्रीज करने का भी निर्देश दिया है, जिनमें जेएसआई2 इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड, जेन स्ट्रीट सिंगापुर पीटीई लिमिटेड और जेन स्ट्रीट एशिया ट्रेडिंग लिमिटेड शामिल हैं।
सेबी के आदेश के अनुसार, जेन स्ट्रीट ने 1 जनवरी, 2023 से 31 मार्च, 2025 के बीच भारतीय एक्सचेंजों पर इंडेक्स ऑप्शंस में ट्रेडिंग के जरिए 43,289.33 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया। आदेश के अनुसार, जेन स्ट्रीट 14 एक्सपायरी दिनों में सुबह के समय बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में भारी मात्रा में कैश सेगमेंट में खरीददारी करती थी और बैंक निफ्टी ऑप्शंस को बड़ी मात्रा में बेचती थी।
दोपहर के बाद, जेन स्ट्रीट की संस्थाएं बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में बड़ी मात्रा में आक्रामक तरीके से बिकवाली करती थीं और एक्सपायरी के दिनों में इंडेक्स के बंद होने को प्रभावित करती थीं। सेबी के आदेश के अनुसार, 17 जनवरी, 2024 की सुबह, जेन स्ट्रीट ने बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 4,370 करोड़ रुपए की आक्रामक तरीके से खरीददारी की और 32,115 करोड़ रुपए के बैंक निफ्टी ऑप्शंस को बेचा। दोपहर के बाद, इसने बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 5,372 करोड़ रुपए की आक्रामक तरीके से बड़ी मात्रा में बिकवाली की।
इससे बैंक निफ्टी इंडेक्स ऑप्शंस सेगमेंट में 46,620 करोड़ रुपए की अधिकतम शॉर्ट पोजीशन बनी और बैंक निफ्टी में नरमी आई। जेन स्ट्रीट ने ऑप्शन सेगमेंट में 735 करोड़ रुपए का लाभ कमाया, जबकि विदेशी फर्म को इस दौरान नकद और फ्यूचर्स में केवल 61.6 करोड़ रुपए का इंट्राडे घाटा हुआ।
इस प्रकार, जेन स्ट्रीट ने एक ही दिन में 673.4 करोड़ रुपए का स्पष्ट लाभ कमाया। बाजार नियामक ने प्रवर्तन कार्रवाई के हिस्से के रूप में यह आदेश पारित किया। यह भारत में संचालित सभी जेन स्ट्रीट समूह संस्थाओं पर लागू होता है और शेयर बाजार से संबंधित गतिविधि में व्यापार या भाग लेने की उनकी क्षमता को प्रतिबंधित करता है। सेबी ने एक आदेश में कहा, “संस्थाओं को प्रतिभूति बाजार तक पहुंचने से रोक दिया गया है और उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिभूतियों को खरीदने, बेचने या अन्य लेन-देन करने से भी प्रतिबंधित किया गया है।”

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