27 को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान, किसान आंदोलन के समर्थन में जुटेंगे छत्तीसगढ़ में हजारों लोग
Chhattisgarh bandh call on 27th, thousands of people in Chhattisgarh will gather in support of farmers' movement
रायपुर. केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानून के विरोध में नौ महीने से अधिक समय से देशभर के किसान दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं. अब किसान आंदोलन की आग छत्तीसगढ़ में भी तेज हो रही है. यहां के किसान भी आंदोलन के लिए सड़क पर उतर गए हैं. किसान आंदोलन के समर्थन में 27 सितंबर को छत्तीसगढ़ बंद करने का ऐलान किया गया है. वहीं 28 सितंबर को राजिम में होने वाली सबसे बड़ी किसान महापंचायत की तैयारी में अन्नदाता जुट गए हैं.
केंद्र सरकार द्वारा औद्योगिक घरानों के हित में और किसान, कृषि और आम उपभोक्ता विरोधी कानूनों को रद्द करने की मांग और न्यूनतम समर्थन मूल्य में सभी कृषि उपजों को खरीदी करने की गारंटी कानून पारित करने की मांग को लेकर जारी किसान आंदोलन का 26 सितंबर को दस महीने पूरा हो रहा है. साथ ही किसान आंदोलन के समर्थन में किए गए भारत बंद का 27 सितंबर को एक साल पूरा हो जाएगा. आंदोलन के इन दिनों में केंद्र की मोदी सरकार और हरियाणा राज्य की खट्टर सरकार किसानों की मांग मानने के बजाय ज्यादा क्रूर शासक का परिचय दिया है, जिसके खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत बंद का आह्वान किया है, जिसे छत्तीसगढ़ में सफल बनाने आह्वान किया है.
छत्तीसगढ़ के विभिन्न किसान, मजदूर और नागरिक संगठनों की बैठक मां दंतेश्वरी हर्बल किसान समूह के कार्यालय रायपुर में संपन्न हुआ. बैठक की अध्यक्षता जिला किसान संघ बालोद के संयोजक व पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर ने किया तथा संचालन अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव व छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य तेजराम विद्रोही ने किया बैठक में खेती बचाओ आंदोलन के टिकेश्वर साहू, अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संगठन के विश्वजीत हारोड़े, आदिवासी भारत महासभा से सौरा, अखिल भारतीय किसान महासभा से डा राजाराम त्रिपाठी, छत्तीसगढ़ खेतीहर मजदूर किसान मोर्चा से ठाकुर रामगुलाम सिंह, किसान विकास संघ से रघुनंदन साहू, छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संचालक मंडल सदस्यों पारसनाथ साहू, गजेंद्र कोसले, हेमंत टंडन, वेगेंद्र सोनबेर, डा ईश्वर दान, संदीप के साथ साथ अठारह संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.बैठक में करनाल हरियाणा में किसानों के ऊपर हुए लाठी चार्ज की घोर निंदा की गई और शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी गई.
किसान महापंचायत के लिए तैयारी जोरों पर
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने गरियाबंद जिला के राजिम में होने वाली राज्य स्तरीय किसान महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया है. इसके लिए ग्रामीण स्तर से तैयारी शुरू कर दिया है. ज्ञात हो कि 26 अगस्त को छत्तीसगढ़ के किसान नेताओं तेजराम विद्रोही, जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, गोविंद चंद्राकर, पंकज चंद्राकर ने दिल्ली के सिंघू बॉर्डर में संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं राकेश टिकैत, डॉ दर्शन पाल सिंह, योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर, डॉ सुनीलम को छत्तीसगढ़ आने के लिए आमंत्रित किया है. साथ ही कृषि विशेषज्ञ डॉ देवेंदर शर्मा को फोन कर आमंत्रित किया है.




