#Social

BREAKING: चलते एंबुलेंस में महिला से किया रेप का प्रयास, जांच में जुटी पुलिस


Siddharthnagar: सिद्धार्थनगर। बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र के एनएच 28 पर बीते 29 अगस्त की रात को सिद्धार्थनगर जिले के बांसी कोतवाली क्षेत्र के गोनहाताल की रहने वाली एक महिला के साथ एंबुलेंस में छेड़खानी करने और एंबुलेंस कर्मियों की तरफ से उसके पति का ऑक्सीजन हटाकर उसे बाहर फेंकने का मामला सामने आया है. पीड़ित महिला ने लखनऊ के थाना गाजीपुर में अपने साथ हुई आपबीती को लेकर एंबुलेंस चालकों के खिलाफ 1 नवंबर को तहरीर दी. तहरीर के आधार पर लखनऊ पुलिस ने एंबुलेंस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. वहीं यह घटना प्रकाश में आने के बाद बस्ती पुलिस भी जांच पड़ताल में जुट गई है। पीड़िता ने आरोप लगाते हुए कहा की एंबुलेंस कर्मियों ने उसके पति को बस्ती के पास ऑक्सीजन हटाकर उसे बाहर फेंक दिया, जिसके बाद उस ने डायल 112 पर सूचना दी. घटना स्थल पर पुलिस पहुंची और महिला के पति को सीएचसी हर्रैया में भर्ती कराया गया, जहां से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. वहां पर इलाज के दौरान पीड़िता के पति की मौत हो गई. पीड़िता ने घटना को लेकर बताया कि उसके पति हरीश की तबीयत कुछ दिनों से खराब थी, जिसको लेकर वह बस्ती मेडिकल कॉलेज गई, जहां उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया. लखनऊ मेडिकल कॉलेज में सीट खाली न होने की वजह से उसने अपने पति के इलाज के लिए इंपीरिया न्यूरोसाइंस मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
इलाज में ज्यादा खर्च होने की वजह से 2 दिन के इलाज के बाद उसने रिक्वेस्ट कर अपने पति को वहां से डिस्चार्ज कर लिया। अस्पताल में किसी ने उस को प्राइवेट एंबुलेंस का नंबर उपलब्ध कराया. एंबुलेंस से लेकर वह अपने घर सिद्धार्थनगर के गोंहताल गांव के लिए रवाना हुई. पीड़ित महिला ने बताया कि रास्ते में कुछ दूर चलने के बाद एंबुलेंस के चालक ने उसे एंबुलेंस के आगे सीट पर बैठने को लेकर दबाव डाला और पुलिस की तरफ से चेकिंग की बात कह कर उसे आगे की सीट पर बिठा लिया. महिला ने बताया कि रास्ते में एंबुलेंस के ड्राइवर और उसका साथी उसके साथ छेड़खानी करते रहे, जिसका उसने लगातार विरोध किया और चिल्लाने की कोशिश की. इस बीच करीब डेढ़ सौ किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बस्ती पहुंचने से कुछ दूर पहले इन लोगों ने उनके पति को एक सुनसान जगह पर फेंक दिया, जिससे उनके बीमार पति को चोट आई और ऑक्सीजन निकालने की वजह से उनकी तबीयत बहुत खराब होने लगी. महिला ने बताया कि वह और उनके साथ उनके भाई ने तुरंत 112 पर फोन कर पुलिस को घटना की सूचना दी।
पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर उनके पति के खराब हालत को देखते हुए बस्ती मेडिकल कॉलेज भेजा, जहां से उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया और गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में उनके पति की मृत्यु हो गई। वहीं अब इस पूरे घटना क्रम पर बस्ती एसपी गोपाल चौधरी का बयान सामने आया है. एसपी बस्ती ने बताया कि निजी एंबुलेंस चालकों ने महिला से अभद्रता के बारे में बताया कि 29 अगस्त की रात को अनूप साहनी अपनी बहन और जीजा के साथ लखनऊ से सिद्धार्थनगर आ रहे थे. इनका लखनऊ के किसी प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था, जब एंबुलेंस छावनी थाना क्षेत्र में पहुंचा तो कुछ विवाद हो गया, जिसके बाद एंबुलेंस वाले ने इनको उतार दिया. इन्होंने पुलिस को सूचना दी. तत्काल पुलिस पहुंची और इनको हर्रैया सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से मौके पर इनकी तरफ से इस तरह की किसी घटना के बारे में नहीं बताया गया न ही पीआरबी के काला रिकॉर्ड में इस तरह को बात बताई गई. जब इनको अस्पताल में ले जाया गया तो जहां पर डॉक्टरों से भी इस तरह की किसी घटना के बारे में कुछ नहीं बताया गया. इनके द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों की जांच की जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button