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BREAKING: मम्मी-पापा आप खुश रहो, NEET स्टूडेंट ने किया सुसाइड


Mirzapur. मिर्जापुर। मिर्जापुर के NEET के एक स्टूडेंट ने कोटा (राजस्थान) में सुसाइड कर लिया। बुधवार देर रात हुई सुसाइड की यह घटना शहर के दादाबाड़ थाना इलाके की है। स्टूडेंट ने पीजी के कमरे में फंदा लगाया। संचालक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव फंदे से उतारा। नीट की तैयारी करने वाला आशुतोष चौरसिया (20) अदलहाट थाना क्षेत्र के अचीतपुर का रहने वाला था। वह बहन के साथ पीजी में रहकर तैयारी कर रहा था। आशुतोष के सुसाइड करने की खबर पाते ही पिता भुवनेश्वर के परिवार में कोहराम मच गया। भुवनेश्वर अपने पूरे परिवार के साथ कोटा राजस्थान के लिए निकल गए हैं। छात्र के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उसने मम्मी-पापा खुश रहो लिखा है। सीआई नरेश कुमार मीणा ने बताया कि आशुतोष चौरसिया (20) दूसरी बार कोटा में नीट की तैयारी करने आया था।
उसकी बुआ की लड़की भी नीट की स्टूडेंट है। दोनों शास्त्री नगर के एक ही पीजी में रह रहे थे। बुधवार शाम को करीब 8 बजे कोचिंग से लौटी बहन ने भाई के रूम का गेट खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। इस बीच आशुतोष के मम्मी-पापा भी उसे लगातार कॉल कर रहे थे, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं था। आशुतोष की बहन रोते हुए भाई को काफी देर तक आवाज देती रही। फिर उसने पीजी संचालक को जानकारी दी। ऑनर ने भी गेट खुलवाने की काफी कोशिश की। इसके बाद मौके पर पहुंची

पुलिस ने गेट तोड़ा तो आशुतोष पंखे पर झूलता मिला। आशुतोष बुधवार को भी कोचिंग गया था। दोपहर करीब 2 बजे कोचिंग से लौटने के बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकला। उसकी बहन शाम के बैच में कोचिंग जाती थी। इसलिए रात को जब वह पीजी में वापस आई और खाना खाने के बाद भाई के कमरे में पहुंची तो पूरी घटना का खुलासा हुआ।

सीआई ने बताया छात्र के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उसने लिखा है मम्मी-पापा आप खुश रहो। वहीं, पुलिस

अधिकारियों का कहना है कि आशुतोष पढ़ने में काफी होशियार था और कोचिंग में भी उसके अच्छे नंबर आ रहे थे। हालांकि, वह न्यूरो की समस्या से ग्रसित था जिसका उसका इलाज चल रहा था। बीमारी को लेकर वह जरूर परेशान रहता था। पुलिस के अनुसार घर वालों के कोटा पहुंचने के बाद ही और ज्यादा जानकारी सामने आ सकेगी। ग्राम प्रधान चन्दन ने बताया कि भुवनेश्वर चौरसिया करीब 20 साल से नारायणपुर में रह रहे हैं। अब अपने पैतृक गांव में आकर बस गए हैं। इनकी माता सरकारी अध्यापक थी। जो सेवा निवृत्त हो गई हैं। भुवनेश्वर के 4 संतानो में दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। आशुतोष से बड़ी एक बहन है और भाई सबसे छोटा है। जिसकी उम्र करीब 7 वर्ष है। भुवनेश्वर परिवार का पालन पोषण एटीएम के सुपरवाइजर के रूप में कार्य करते हुए बनारस में सेवा दे रहे है। वह पुश्तैनी जमीन पर खेती भी करते है। भुवनेश्वर तीन भाई हैं, एक अमेरिका तो दूसरे भाई प्रयागराज में रहता है।

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