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माता के दरबार जय-जयकार, जय-जयकार

नयनादेवी। चैत्र नवरात्रों के चलते विख्यात तीर्थस्थल नयना देवी के मंदिर में मंगलवार को भी श्रद्धालुओं का तांता माता जी के दर्शनों के लिए लगा रहा। मंदिर प्रशासन नगर परिषद् प्रशासन तथा जिला प्रशासन ने अपना अपना जिम्मा बखूबी संभाल लिया है। आशा जताई जा रही है हर वर्ष की भांति इस बार भी लाखों की संख्या में मां के चरणों में आस्था नतमस्तक होंगी। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए मंदिर प्रशासन नगर परिषद् प्रशासन तथा जिला प्रशासन ने अपना अपना जिम्मा संभाल लिया है। 30 मार्च से सात अप्रैल तक चलने वाले इन नवरात्रों में नयना देवी का मंदिर सहित नगर क्षेत्र में सजी दुकानें एक दुल्हन की तरह सज गई हैं। मेला पुलिस अधिकारी विक्रांत बौंसरा ने कहा कि लगभग 400 सुरक्षा कर्मचारियों को नयनादेवी में चप्पे-चप्पे पर तैनात कर दिए गए हैं। सुरक्षा प्रबंधों का जायजा मेला एवं न्यास अधिकारी धर्मपाल ठाकुर ने लिया। उन्होंने कहा कि नयनादेवी के सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा तथा सभी मूलभूत सुुविधा प्रदान करने तथा सुरक्षा के लिए सरकार पूरी तरह से वचनबद्ध है। श्रद्धालुओं की सुविधा में किसी प्रकार की कोताही नहीं की जाएगी। क्षेत्र में धारा 144 लागू है। मंदिर के अंदर नारियल ले जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। शरारती तत्वों पार नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की सहायता भी ली जा रही है। पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। चैकिंग के बाद ही श्रद्धालुओं को माता के दरबार में भेजा जा रहा है। न्यास मंदिर में अस्थाई कर्मचारियों का चयन कर रही है। हर कर्मचारी को श्रद्धालुओं की श्रद्धा व भावना का ध्यान रखना व हर सुविधा प्रदान करने को कहा गया है। कोताही करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर सुबह दो बजे खुल रहे हैं तथा 12 बजे रात को बंद हो रहे हैं। मंदिर के अंदर कडाह प्रसाद ले जाने पर तथा नारियल ले जाने पर पाबंदी लगाई गई। श्रद्धालुओं को पहली बार एलईडी के माध्यम से सूचना उपलब्ध करवाई जाएगी। नगर प्रशासन ने भी नगर में सफाई व्यवस्था के लिए समय समय पर कीटनाशक दवाई का छिडकाव कर रहे हैं। न्यास ने सफाई का सारा प्रबंध सुलभ इंटरनेशनल दिल्ली को सौंपा गया है। न्यास अध्यक्ष ने रास्तों में पसरी हुई दुकानों को दुकानदारों से आग्रह किया है कि वो अपनी दुकानें रास्तों पर न पसारें अन्यथा सख्त कार्यवाई की जाएगी। सामान ढोने वाले मजदूरों को अपनी पहचान तथा नगर परिषद द्वारा जारी टोकन लेने को कहा है। सभी से आग्रह किया कि परिषद के निर्धारित दाम ही लें अन्यथा कार्यवाई की जाएगी। उधर जल शक्ति विभाग भी मेले में पानी की व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है। लगभग 10 लाख लीटर पानी प्रतिदिन लोगों को मुहैया करवाया जा रहा है। कर्मचारी दिन रात सेवा में जुटे हुए हैं। मेले के दोरान लंगरों को अस्थायी रूप से कनेक्शन दिए गए हैं। बिजली बोर्ड अधिकारी राकेश ठाकुर ने बताया कि नयनादेवी में मेलों के दोरान विद्युत व्यवस्था के लिए विभाग के कर्मचारी दिन रात सेवा में लगे हैं। मेले के दौरान नयना देवी में 11-11 केवी के तीन सप्लाइयां दी जा रही है। ग्वाल्थाई से 11 केवी को स्टैंड बाई रखा गया है। आपात स्थिति में इस लाइन को चालू किया जाएगा। रज्जू मार्ग में भी श्रद्धालू सफर कर माता के दरबार पहुंच रहे हैं। गोबिंद सागर का मनमोहक दृश्य का भी लुत्फ उठा रहे हैं। हर वर्ष की भांति इस बार ही रज्जू मार्ग सुबह सात बजे चलेगा। शाम के सात बजे तक चल रहा है। श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था यथावत रहेगी।




