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BIG BREAKING: FBI की बड़ी कार्रवाई, अमेरिका में छिपे 8 भारतीय गैंगस्टर गिरफ्तार


Washington/New Delhi. वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका की प्रतिष्ठित जांच एजेंसी FBI ने भारत से फरार और वांटेड गैंगस्टरों व आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अमेरिका के विभिन्न हिस्सों से 8 भारतीय मूल के अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी भारत में सक्रिय गैंगस्टर-टेरर नेटवर्क से जुड़े रहे हैं और अमेरिका में रहकर अपराध की साजिशें रचते पाए गए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सबसे चर्चित नाम पवित्तर सिंह उर्फ पवितर बटाला का है, जो पंजाब का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर है और खालिस्तानी

आतंकी लखबीर सिंह रोडे के साथ मिलकर बब्बर खालसा इंटरनेशनल के तहत भारत में आतंक फैलाने का काम कर रहा था। NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) पहले ही पवित्तर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

8 भारतीय मूल के आरोपी गिरफ्तार
11 जुलाई 2025 को सैन जोकिन काउंटी में FBI और स्थानीय स्वाट टीमों की संयुक्त कार्रवाई में ये सभी आरोपी पकड़े गए:
दिलप्रीत सिंह
अर्शप्रीत सिंह
अमृतपाल सिंह
विशाल (पूरा नाम गोपनीय)
पवित्तर सिंह
गुरताज सिंह
मनप्रीत रंधावा
सरबजीत सिंह
गंभीर आरोपों में हुई गिरफ्तारी
इन सभी आरोपियों को सैन जोकिन काउंटी जेल में रखा गया है। उन पर दर्ज आरोपों में शामिल हैं:
अपहरण
यातना
झूठा कारावास
अपराध की साजिश
गवाह को धमकाना
हथियार से हमला
जान से मारने की धमकी
गिरोह को बढ़ावा देना
इसके अलावा इनके खिलाफ हथियारों से जुड़े संगीन मामले भी दर्ज किए गए हैं:
मशीन गन रखना
असॉल्ट राइफल का अवैध कब्जा
उच्च क्षमता वाली मैगजीन का निर्माण
छोटी बैरल वाली राइफल बनाना
भरी हुई हैंडगन के साथ घूमना
तलाशी में मिले भारी मात्रा में हथियार और नकदी
कार्रवाई के दौरान पुलिस और FBI ने बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और नकदी भी जब्त की:
5 हैंडगन (एक फुली-ऑटोमैटिक ग्लॉक शामिल)
1 असॉल्ट राइफल
सैकड़ों राउंड गोला-बारूद
उच्च क्षमता की मैगजीन
$15,000 से अधिक नकद
भारत-अमेरिका के खुफिया तालमेल का नतीजा
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई भारतीय खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि भारत से फरार गैंगस्टर और खालिस्तानी आतंकी अमेरिका में शरण लेकर वहीं से आपराधिक और आतंकी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
इनमें कई ऐसे नाम शामिल हैं जो पहले से ही भारतीय एजेंसियों की रडार पर हैं, जैसे – गोल्डी बराड़, अनमोल बिश्नोई, और रोहित गोदारा। ये सभी पहले भी अमेरिका, कनाडा और अन्य पश्चिमी देशों में छिपकर काम करते रहे हैं। इस कार्रवाई को भारत-अमेरिका के बीच आतंकी नेटवर्क और संगठित अपराध के विरुद्ध सहयोग की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। उम्मीद है कि अब भारत इन आरोपियों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को और तेज करेगा।

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