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रक्षाबंधन के अगले दिन मां-बेटी की रहस्यमय मौत, पुलिस ने जारी किया बयान

Raipur. रायपुर। राजधानी के खरोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पचरी में रक्षाबंधन के ठीक अगले दिन एक ही परिवार के दो सदस्यों की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। मृतकों की पहचान 55 वर्षीय बिंदा बाई चतुर्वेदी और उनकी 40 वर्षीय बेटी उषा मनहरे के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फॉरेन्सिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। घटना 9 अगस्त 2025 की है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम पचरी के सतनामी पारा, महंत चौक निवासी बिंदा बाई अपने 34 वर्षीय बेटे शीतल चतुर्वेदी के साथ रहती थीं। रक्षाबंधन पर्व के मौके पर बिंदा बाई की बेटी उषा मनहरे, पति दयाराम के साथ अपने मायके पहुंची थी। दोपहर 11 बजे के करीब वह घर आई और परिवार के साथ समय बिताने लगी। शाम को उषा का बेटा धीरज भी अपने नाना-नानी के घर आया। उसने सभी से मुलाकात की और नानी के हाथ का खाना खाया। खाना खाने के बाद वह वापस अपने घर, परसाडीह चला गया।
इसी दौरान बिंदा बाई का बेटा शीतल घर में सो रहा था। जब वह सोकर उठा, तो तालाब जाने के लिए घर से निकल पड़ा। उस समय बिंदा बाई और उषा आपस में बातचीत कर रही थीं। लेकिन शीतल तालाब नहीं गया और आधार की ओर घूमकर वापस लौट आया। रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच जब वह घर पहुंचा, तो उसे एक भयावह दृश्य दिखाई दिया। शीतल ने देखा कि उसकी मां बिंदा बाई घर के बरामदे में पड़ी हुई थीं और बहन उषा घर के अंदर अचेत अवस्था में थी। घबराकर उसने तुरंत डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर के पहुंचने पर दोनों की हालत गंभीर पाई गई। डॉक्टर ने निजी एंबुलेंस को बुलाया, लेकिन मौके पर पहुंची एंबुलेंस टीम ने जांच के बाद बताया कि दोनों की मौत हो चुकी है। इसके बाद एंबुलेंस कर्मी तुरंत लौट गए और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही खरोरा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को चीरघर खरोरा भेजकर सुरक्षित रखवाया। 10 अगस्त को फॉरेन्सिक टीम, डॉग स्क्वाड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों को भी बुलाकर घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। पुलिस के अनुसार, मौके पर किसी तरह के संघर्ष या संदिग्ध परिस्थिति के सबूत नहीं मिले। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने भी दोनों शवों पर किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए। प्राथमिक जांच में मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका, जिसके चलते दोनों का विसरा संरक्षित कर फॉरेन्सिक जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत का कारण क्या था।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल हत्या या आत्महत्या की आशंका पर कोई ठोस सबूत नहीं है। किसी तरह का जहरीला पदार्थ, दम घुटना, या अन्य कारणों की पुष्टि रिपोर्ट आने पर ही होगी। खरोरा थाना प्रभारी ने बताया कि मर्ग कायम कर मामले की जांच जारी है। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे संयोग बता रहे हैं, तो कुछ को इसमें साजिश की आशंका है। हालांकि पुलिस ने अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें। मृतकों के परिजनों का कहना है कि मां-बेटी पूरी तरह स्वस्थ थीं और उनका किसी से विवाद भी नहीं था। रक्षाबंधन जैसे खुशियों के दिन के अगले ही दिन हुई इस घटना ने पूरे परिवार और गांव को शोक में डुबो दिया है। बिंदा बाई और उषा के अंतिम संस्कार की तैयारी फॉरेन्सिक जांच पूरी होने के बाद की जाएगी। पुलिस हर एंगल से मामले की तहकीकात कर रही है और आश्वासन दिया है कि जैसे ही रिपोर्ट आएगी, सच्चाई सामने ला दी जाएगी।




