पानी, मिट्टी और हवा की सेहत में सुधार, लगरा में शुरू हुआ फिकल स्लज मैनेजमेंट प्लांट

गलियों की सफाई तो होती थी, लेकिन टॉयलेट के अंदर जमा गंदगी वर्षों तक साफ नहीं होती थी। धीरे-धीरे यह गंदगी भू-जल को दूषित करने लगी, बदबू फैलने लगी और बीमारियों का खतरा बढ़ गया। स्वच्छ भारत अभियान की टीम ने जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को समझाया और बताया कि सिर्फ झाड़ू लगाना सफाई नहीं है, असली सफाई तब होती है जब टॉयलेट टैंक के अंदर की गंदगी भी सुरक्षित तरीके से बाहर निकाली जाए और उसका ट्रीटमेंट किया जाए।
कॉल एवं सीधे ग्राम पंचायत लगरा में आवेदन जमा करके इसका लाभ ले सकते है। आधुनिक मशीन से घरों में टैंक भेजकर अपशिष्ट मल निकालकर उसे ट्रैक्टर-टैंकर से ट्रीटमेंट प्लांट भेजा जाता है, जहां इसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान कर खाद में परिवर्तित किया जाता है। अब गांव की गलियों से बदबू गायब हो गई, पानी और मिट्टी की गुणवत्ता सुधर गई। ग्रामीणों का कहना है कि हमने सिर्फ कचरा नहीं, अपने भविष्य को भी साफ किया है। स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से गांव गांव, सड़कों की सफाई के साथ फिकल स्लज मैनेजमेंट के जरिए पानी, मिट्टी और हवा को भी स्वच्छ बनाया जा रहा है।



