तेजस्वी यादव ने दिखाया पूर्णिया मेडिकल कॉलेज की बदहाली का सच, पूछा सवाल- सुविधाएं क्यों नहीं?

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार देर रात पूर्णिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिहार सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को लेकर हमला बोला।

उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के भ्रष्ट मंत्री और अधिकारी भ्रष्टाचार में कमीशन खाने के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च कर केवल बिल्डिंग बनाते हैं, लेकिन डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, लैब टेक्निशियन, ड्रेसर और असिस्टेंट की नियुक्ति नहीं करते।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के औचक निरीक्षण का वीडियो शेयर किया। उन्होंने अस्पताल की बदहाली को लेकर बिहार सरकार से सवाल भी किया।

उन्होंने एक्स पर लिखा, “कल देर रात्रि गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच), पूर्णिया का औचक निरीक्षण किया। वीडियो में 20 सालों की एनडीए सरकार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की एक छोटी सी बानगी देखिए। यह बदहाली किसी जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नहीं, बल्कि तथाकथित मेडिकल कॉलेज की है। इसका आंखों देखा हाल जानिए और इस जुमलेबाज निकम्मी सरकार के अमंगलकारी स्वास्थ्य मंत्री को लानत भेजिए।”

तेजस्वी यादव ने अस्पताल की बदहाल स्थिति का जिक्र करते हुए कहा, “यह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल है, लेकिन यहां आईसीयू नहीं है। ट्रॉमा सेंटर चालू नहीं है। कार्डियोलॉजी यानि हृदय रोग विभाग है ही नहीं। एक बेड पर तीन-तीन मरीज लेटा रखे हैं। 15-20 दिन में भी मरीजों की बेडशीट नहीं बदली जाती। हड्डी रोग से संबंधित और विकलांग शल्य चिकित्सा से संबंधित मरीजों के लिए शौचालय दो फीट ऊंचा है। साफ-सफाई बिल्कुल भी नहीं है। जीएमसीएच, मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल है, लेकिन यहां नर्स के स्वीकृत 255 पदों में से केवल 55 नर्स ही कार्यरत है, वो भी तीन शिफ्ट में यानि एक बार में केवल 18 नर्स ही ड्यूटी पर रहती हैं। छुट्टी पर रहेंगी तो उससे भी कम।”

तेजस्वी ने कहा, “जीएमसीएच में 80 प्रतिशत चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। जीएमसीएच में एक भी स्थायी ड्रेसर नहीं है। पूरे कॉलेज और हॉस्पिटल में केवल चार ओटी सहायक हैं। 23 विभाग में से अनेक विभाग बंद हैं। प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर नाम मात्र हैं। मेडिकल इंटर्न को 6 महीनों से सैलरी नहीं मिली है। सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, स्वास्थ्य उपकरण, स्वास्थ्य सेवा और सुविधा के अभाव में पूर्णिया के निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 10,000 मरीज जाते हैं। एनडीए सरकार के भ्रष्ट मंत्री और अधिकारी भ्रष्टाचार में कमीशन खाने के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च कर केवल बिल्डिंग बनाते हैं, लेकिन डॉक्टर्स, स्वास्थ्य कर्मी, लैब टेक्निशियन, ड्रेसर, असिस्टेंट इत्यादि की नियुक्ति नहीं करते। कमीशन के लिए हजारों करोड़ के स्वास्थ्य उपकरण खरीदते हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए टेक्निशियन की बहाली नहीं करते।”

तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की पूर्णिया यात्रा पर कहा कि उन्हें बिहार की अपनी 20 सालों और केंद्र की 11 वर्षों की डबल इंजन सरकार की बड़ी-बड़ी खामियां नहीं दिखेंगी? बिहार में 20 वर्षों की एनडीए सरकार के भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, गरीबी, एनडीए सरकार की विफलताओं, इलाज के नाम पर गरीबों से लूट, बदहाल शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था तथा डबल इंजन के डबल जंगलराज पर प्रवचन अवश्य देंगे। कल पूर्णिया के इस मेडिकल कॉलेज में जरूर जाइएगा और 2005 के बाद वाले मुख्यमंत्री को भी अवश्य लेकर जाइएगा, नहीं तो वो कहेंगे कि 2005 से पहले कुछ था जी?”


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