तीन दिवसीय छ.ग. लौह शिल्प प्रदर्शनी का स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी और विधायक राजेश मूणत ने किया शुभारंभ

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करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है ताकि शिल्पकारों और कारीगरों को उनके उत्पादों के लिए समान अवसर और बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी 9 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक चलेगी। प्रदर्शनी में 12 स्टॉलों के माध्यम से शिल्पकारों द्वारा निर्मित सामग्री का भव्य प्रदर्शन किया गया। इसमें बस्तर आदिवासी लौह शिल्प, बस्तर आर्ट, पुरखौती लौह शिल्प, संस्कृति लौह शिल्प, परंपरा लौह शिल्प सहित अन्य विभिन्न शिल्प सामग्रियाँ आम जनता के लिए उपलब्ध हैं।प्रदर्शनी सुबह 12 बजे से रात 9 बजे तक खुलेगी और सभी वर्ग के लोग इसे देख सकते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपरा की झलक दिखाती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान के अंतर्गत हस्तनिर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में सरकार कौशल विकास प्रशिक्षण, बिक्री केंद्र और ऋण जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराएगी, ताकि ग्रामीण और दूरदराज के शिल्पकारों को भी लाभ मिल सके। विधानसभा के पूर्व कैबिनेट मंत्री और पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने कहा कि छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्पकारों की प्रतिभा न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि शिल्पकार अपने कौशल और मेहनत से लोहे को कला में बदलकर कलाकृति तैयार करते हैं, जो अत्यंत सराहनीय है।
शिल्पकला बोर्ड
के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा, जवाहर नगर मंडल के अध्यक्ष संदीप जंघेल, भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष अश्वनी विश्वकर्मा और बोर्ड के अधिकारी तथा भाजपा प्रदेश एवं जिला कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सभी ने शिल्पकारों का उत्साहवर्धन किया और उनके काम की सराहना की। प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल कला का प्रदर्शन नहीं, बल्कि शिल्पकारों को आर्थिक अवसर और पहचान देना भी है। इससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोग अपने उत्पादों के माध्यम से आय अर्जित कर सकेंगे और क्षेत्रीय शिल्पकला को बढ़ावा मिलेगा।Source link




