Magh Mela 2026: प्रयागराज में माघ मेले का शुभारंभ, संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Magh Mela 2026: प्रयागराज में माघ मेले का शुभारंभ, संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

माघ मेला 2025 (Photo Credits: X)

प्रयागराज, 3 जनवरी: प्रयागराज (Prayagraj) में माघ मेला-2026 (Magh Mela) का भव्य शुभारंभ हो चुका है और संगम तट (Sangam) की ओर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाकर लोगों ने पुण्य लाभ अर्जित किया. पहले ही दिन मेले क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली. इस दौरान प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया.

माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि तक चलेगा. इस दौरान कई प्रमुख स्नान पर्व और धार्मिक आयोजन होंगे. पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां की थीं, जिनका असर जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दिया. यह भी पढ़ें: Magh Mela 2026: मकर संक्रांति, बसंत पंचमी सहित प्रमुख माघ मेले की स्नान तिथियों के कारण जनवरी में UPPSC परीक्षाएं प्रयागराज में नहीं की जाएंगी आयोजित

मेले की सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व बताई जा रही है. पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक एआई-इनेबल्ड सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके जरिए हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है. इसके अलावा ड्रोन के माध्यम से भी भीड़ और यातायात की लगातार निगरानी की जा रही है. जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के गोताखोरों को संगम और आसपास के घाटों पर तैनात किया गया है. किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए एटीएस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भी तैनाती की गई है. मेला क्षेत्र को कई सेक्टरों में बांटकर पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.

माघ मेले में आस्था की डुबकी लगाने के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब

संगत तट पर दिखा आस्था का जनसैलाब

एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा ने बताया कि माघ मेला 2026 के पहले बड़े स्नान पर्व को लेकर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं. उन्होंने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, आज माघ मेला 2026 का पहला बड़ा स्नान पर्व है. इसे देखते हुए इलाके की निगरानी के लिए ड्रोन, एआई-इनेबल्ड कैमरे और एआई-आधारित सिस्टम लगाए गए हैं, जिनके जरिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. हमारी ट्रैफिक और सुरक्षा टीमें जमीन पर मौजूद हैं ताकि सब कुछ सुचारू रूप से चलता रहे.

उन्होंने आगे बताया कि सभी पुलिस कर्मियों को एक महीने से अधिक समय तक विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़ी तमाम तरह की ट्रेनिंग पहले ही पूरी कर ली गई थी. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हर जगह हमारी टीमें तैनात हैं और सभी श्रद्धालु सुगमता के साथ स्नान कर वापस जा रहे हैं.




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