पूर्वोत्तर में ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ की बढ़ी मांग, कई रूटों पर 100% से अधिक ऑक्यूपेंसी

Delhi दिल्ली: भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनें अब पूर्वोत्तर भारत में बड़ी सफलता की कहानी बनती जा रही हैं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के तहत असम और पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्टेशनों से शुरू की गई इन ट्रेनों को यात्रियों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इन ट्रेनों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और कई रूटों पर सीटों की मांग क्षमता से भी ज्यादा पहुंच गई है।

एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिनजल किशोर शर्मा ने बुधवार को बताया कि अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को देशभर के यात्रियों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने कहा कि इन ट्रेनों की बेहतर ऑक्यूपेंसी और कमाई यह साफ दिखाती है कि यात्री इन्हें किफायती, आरामदायक और भरोसेमंद विकल्प के रूप में पसंद कर रहे हैं। जनवरी 2026 में शुरू हुई इन सेवाओं ने गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, अलीपुरद्वार जंक्शन और न्यू जलपाईगुड़ी जैसे शहरों को देश के कई बड़े शहरों से जोड़ दिया है। रेलवे के अनुसार कई ट्रेनों में ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत से भी अधिक दर्ज की गई, जो इन ट्रेनों की भारी मांग को दर्शाती है।

फिलहाल, एनएफआर के तहत असम और पश्चिम बंगाल से कुल सात जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इनमें कामाख्या-रोहतक, डिब्रूगढ़-गोमती नगर, अलीपुरद्वार जंक्शन-एसएमवीटी बेंगलुरु, अलीपुरद्वार जंक्शन-पनवेल, कामाख्या-चारलापल्ली, न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली और न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोइल रूट शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ये ट्रेनें पूर्वोत्तर भारत को देश के दूसरे हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही हैं। खास तौर पर कामाख्या-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा रही कि इसकी ऑक्यूपेंसी 136 प्रतिशत तक पहुंच गई। वहीं डिब्रूगढ़-गोमती नगर ट्रेन ने कई यात्राओं में 140 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेंसी दर्ज की।

रेलवे के आंकड़ों के अनुसार इन ट्रेनों ने अब तक 1.78 लाख से ज्यादा यात्रियों को सफर कराया है और 23 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की है। अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को खास तौर पर आम यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है। इनमें आधुनिक इंटीरियर, बेहतर सुविधाएं, आरामदायक सीटिंग व्यवस्था और किफायती किराया उपलब्ध कराया गया है। एनएफआर का कहना है कि ये ट्रेनें न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ा रही हैं, बल्कि क्षेत्रीय विकास, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती दे रही हैं। रेलवे ने भरोसा दिलाया है कि आगे भी यात्री सुविधाओं और सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दी जाएगी।


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