Varanasi: गंगा नदी में स्नान के दौरान बीयर पीने वाले युवक पर FIR दर्ज, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बिहार रवाना हुई पुलिस (Watch Viral Video)

गंगा नदी में बीयर पीते दिखे युवक (Photo Credits: X)
वाराणसी, 23 मई: आस्था की नगरी काशी (वाराणसी) में पवित्र गंगा नदी की मर्यादा को ठेस पहुंचाने का एक और गंभीर मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक सुबह के समय गंगा नदी में स्नान करने के दौरान खुलेआम हाथ में बीयर का केन लेकर बीयर पीते हुए दिखाई दे रहा है. इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों में भारी आक्रोश फैल गया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वाराणसी कमिशनरैट की दशाश्वमेघ थाना पुलिस ने शुक्रवार को त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है. यह भी पढ़ें: Rajasthan Shocker: घरेलू विवाद में मां ने 8 महीने की मासूम बच्ची को जबरन पिलाया तेजाब, वेंटिलेटर पर लड़ रही जिंदगी की जंग
स्थानीय लोगों ने मौके पर जताया था विरोध
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 5:00 बजे की बताई जा रही है. आरोपी युवक अपने कुछ दोस्तों के साथ गंगा नदी (ललिता घाट के समीप) स्नान करने पहुंचा था. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जब युवक नदी के पानी में खड़े होकर बीयर पी रहा था, तब वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और स्थानीय पुरोहितों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई.
वीडियो के बैकग्राउंड में लोग युवक को टोकते और यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि, ‘जनेऊ पहनकर सुबह 5 बजे गंगा जी में बीयर पी रहे हो, तुम्हें समझ नहीं आता कि यह गंगा नदी है?’ इस पर आरोपी युवक वीडियो में यह सफाई देता और माफी मांगता भी दिख रहा है कि ‘अब आगे से नहीं पियेंगे.’
वायरल वीडियो में वाराणसी के घाट पर गंगा में बीयर पीते दिखा युवक
Kalesh over a group of men bathing in the sacred Ganga river while openly drinking beer. When someone confronts them about it, one of the men responds saying ‘we won’t drink anymore pic.twitter.com/cGf8HxdFQ1
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) May 22, 2026
धार्मिक भावनाएं आहत करने की धाराओं में केस दर्ज
इस घटना को लेकर बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और भाजपा विधिक प्रकोष्ठ के काशी क्षेत्र संयोजक, अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने दशाश्वमेघ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया कि मां गंगा करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं और इस तरह का कृत्य धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का एक गंभीर अपराध है.
अधिवक्ता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (सौहार्द बिगाड़ने या शत्रुता को बढ़ावा देने वाले कृत्य) और धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया दुर्भावनापूर्ण कार्य) के तहत केस दर्ज किया है.
बिहार का रहने वाला है आरोपी, गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना
दशाश्वमेघ क्षेत्र के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेकर गहन तकनीकी जांच शुरू कर दी थी. जांच के दौरान आरोपी युवक की पहचान संतोष के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पड़ोसी राज्य बिहार के रोहतास जिले का निवासी है.
एसीपी ने पुष्टि की है कि आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर ली गई है और वाराणसी पुलिस की एक विशेष टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए बिहार रवाना हो चुकी है. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने भी सख्त लहजे में निर्देश जारी किए हैं कि घाटों और नदी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का नशा करने या गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए.
दो महीने पहले नाव पर ‘इफ्तार पार्टी’ को लेकर हुआ था विवाद
वाराणसी में गंगा नदी की पवित्रता से जुड़ा यह विवाद कोई नया नहीं है. इससे करीब दो महीने पहले रमजान के दौरान गंगा नदी में एक नाव के ऊपर कथित तौर पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने और मांसाहारी भोजन (बिरयानी) के बचे हुए अवशेष व हड्डियां पवित्र नदी में फेंकने का वीडियो सामने आया था.
उस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिन्हें हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली है. इसके अतिरिक्त करीब डेढ़ महीने पहले भी नावों पर डीजे बजाने और हुड़दंग करने के मामलों में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की थी. प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के लिए नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) शुरू कर दी है.



