पेट्रोल-डीजल के एक्सपोर्ट पर सरकार का बड़ा फैसला, 1 जून से घटेगा विंडफॉल टैक्स, आम लोगो को नहीं मिलेगी राहत

India cuts export duty on petrol diesel: नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (विंडफॉल टैक्स) में कटौती की है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार नई दरें 1 जून 2026 से लागू होंगी। इस फैसले से रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करने वाली कंपनियों को राहत मिलेगी।

नई दरें क्या होंगी?


सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को घटाकर 1.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं डीजल पर यह शुल्क 13.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.5 रुपये प्रति लीटर होगा। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर लगने वाला रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) शून्य रखा गया है।

घरेलू कीमतों पर नहीं पड़ेगा असर


सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल निर्यात के लिए है। देश में उपभोक्ताओं के लिए बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर लागू शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसलिए इस फैसले का पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कीमतों पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।

क्यों लगाया गया था विंडफॉल टैक्स?


मार्च 2026 में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच सरकार ने विंडफॉल टैक्स लागू किया था। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और निर्यात को नियंत्रित करना था।

कीमतों में बढ़ोतरी से राहत नहीं


हालांकि निर्यातकों को राहत मिली है, लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन महंगा बना हुआ है। हालिया बढ़ोतरी के बाद कई प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई हैं।


Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button