लकड़ी रोकने पर वनरक्षक पर हमला, गंभीर हालत में किया गया रेफर

वनरक्षक ने लकड़ी को रोकने के लिए उन्हें रोक लिया। बताया जा रहा है कि लकड़ी रोकने को लेकर वनरक्षक और मनोज भुइयां के बीच विवाद की स्थिति बन गई। इसी दौरान मनोज भुइयां ने कथित तौर पर वनरक्षक को जमीन पर गिराने की कोशिश की। घटना के दौरान लकड़ी वनरक्षक पिंटू मालाकार के सिर पर जा लगी। सिर में लकड़ी लगने के बाद उन्हें गंभीर चोट आई और कान से खून निकलने लगा। चोट इतनी गंभीर थी कि वनरक्षक मौके पर ही बेहोश हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल वनरक्षक को रामानुजगंज के 100 बिस्तर वाले अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। हालांकि सिर में गंभीर चोट और हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें उच्च स्तरीय उपचार के लिए झारखंड के मेदिनीनगर रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर ले जाया गया।
कार्रवाई की जाएगी
। वन विभाग की टीम घटना के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि जंगल से सागौन की लकड़ी कहां से लाई जा रही थी और उसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। घटना के बाद वन विभाग की ओर से अवैध रूप से जंगल से लकड़ी परिवहन करने वालों के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वन क्षेत्र से सागौन जैसी मूल्यवान लकड़ी के परिवहन को लेकर विभाग लगातार कार्रवाई करता है। इसी दौरान वनरक्षक द्वारा लकड़ी रोकने पर यह घटना सामने आई है।Source link


