IVF सेंटर पर गिरी गाज, 9 रजिस्ट्रेशन सस्पेंड

Jaipur जयपुर: राजस्थान सरकार ने ‘नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वुमन केयर हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। यह कार्रवाई असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) और सरोगेसी सेवाओं से जुड़े नियमों के शुरुआती तौर पर उल्लंघन पाए जाने के बाद की गई है। अस्पताल के एआरटी क्लीनिक, एआरटी बैंक और सरोगेसी क्लीनिक से जुड़े नौ रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को तुरंत प्रभाव से और अगले आदेश तक सस्पेंड कर दिया गया है। राजस्थान के चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाएं देने में तय मानकों और कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कर रही है।

इसी संदर्भ में, राजस्थान में एआरटी और सरोगेसी सेवाओं के नियमन से जुड़े नियमों के उल्लंघन के शुरुआती सबूत मिलने के बाद ‘नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वुमन केयर हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। राजस्थान की प्रमुख सचिव (चिकित्सा और स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने कहा कि यह कार्रवाई ‘असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021’ के प्रावधानों के कथित उल्लंघन को देखते हुए की गई है। उन्होंने आगे कहा कि एक अंग्रेजी अखबार के जयपुर संस्करण में आईवीएफ, फर्टिलिटी और टेस्ट-ट्यूब बेबी सेंटर के लिए छपे एक विज्ञापन में नीले रंग में एक भ्रूण दिखाया गया था।

विभाग ने इस तस्वीर को लिंग-चयन सेवाओं को बढ़ावा देने का शुरुआती संकेत माना, क्योंकि नीला रंग आमतौर पर लड़के से जुड़ा होता है, और इसी आधार पर ‘नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वुमन केयर हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। इस कानून के तहत लिंग-चयन और लिंग-चयन आधारित एआरटी प्रक्रियाओं पर रोक है। राठौड़ ने बताया कि ‘नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वुमन केयर हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा संचालित नौ एआरटी और सरोगेसी सुविधाओं के रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिए गए हैं।

ये सुविधाएं जयपुर, भीलवाड़ा, उदयपुर, कोटा, जोधपुर और अजमेर में स्थित हैं। सस्पेंड किए गए रजिस्ट्रेशन में भीलवाड़ा, कोटा, उदयपुर, अजमेर और जोधपुर में एआरटी क्लीनिक लेवल-1 सुविधाएं; भीलवाड़ा, कोटा, उदयपुर, अजमेर और जोधपुर में एआरटी क्लीनिक लेवल-2 सुविधाएं; जयपुर में दो एआरटी क्लीनिक लेवल-2 सुविधाएं; जयपुर में एक सरोगेसी क्लीनिक और जयपुर में एक एआरटी बैंक शामिल हैं। विभाग ने कहा कि राज्य में एआरटी और सरोगेसी सेवाओं का संचालन लागू कानूनों, नियमों और नैतिक मानकों के सख्ती से पालन के साथ होना चाहिए।

लिंग-चयन सहित प्रतिबंधित प्रथाओं को किसी भी तरह से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार ने दोहराया कि कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य सरकार सुरक्षित, पारदर्शी और उच्च-गुणवत्ता वाली प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के साथ-साथ एआरटी और सरोगेसी सेवाएँ देने वाले सभी संस्थानों में कानूनी और नैतिक मानकों का पालन मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।


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