शौच के लिए गए युवक पर मादा भालू ने किया हमला, रेंजर ने अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान

गिरीश गुप्ता गरियाबंद जिले में वन्यजीव और इंसान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच एक बार फिर भालू के हमले की घटना सामने आई है। ध्रुवागुड़ी पेट्रोल पंप से लगे जंगल में गुरुवार सुबह करीब 7 बजे शौच के लिए गए ग्राम कालीमाटी निवासी जनार्दन मांझी पर मादा भालू ने अपने दो शावकों के साथ अचानक हमला कर दिया। हमले में युवक के सिर, शरीर और बाएं कंधे पर गहरे घाव आए हैं।

जानकारी के मुताबिक जनार्दन मांझी, पिता श्याम सुंदर मांझी, सुबह शौच के लिए जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान उनका सामना मादा भालू और उसके दो शावकों से हो गया। अचानक हुए हमले से युवक संभल नहीं पाए। मादा भालू ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, युवक ने हिम्मत नहीं छोड़ी और किसी तरह भालू के चंगुल से बचकर वहां से भाग निकले।

घायल युवक किसी तरह मुख्य मार्ग तक पहुंचा, जिसके बाद घटना की जानकारी वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई।

रेंजर सुशील कुमार सागर ने दिखाई तत्परता, घायल को पहुंचाया अस्पताल

घटना की जानकारी मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) सुशील कुमार सागर तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को समझते हुए बिना समय गंवाए घायल युवक को अपनी विभागीय गाड़ी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) देवभोग पहुंचाया।

समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने से घायल युवक को तत्काल चिकित्सकीय उपचार मिल सका। युवक के सिर, शरीर और बाएं कंधे पर भालू के हमले से गहरे घाव बताए गए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच भी चिंता का माहौल है।

रेंजर सुशील कुमार सागर की त्वरित कार्रवाई और मानवीय पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। वन विभाग के अधिकारी द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल ले जाने से उसे समय पर उपचार मिल सका।

वन विभाग ने दी तात्कालिक सहायता

घटना के बाद वन विभाग ने पीड़ित परिवार को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराई है। इसके साथ ही परिजनों को नियमानुसार मुआवजा प्रकरण तैयार करने के लिए आवश्यक आवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है।

वन विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया है कि घायल युवक के इलाज में होने वाला खर्च शासकीय नियमों के तहत मुआवजा मद से वहन किया जाएगा। विभाग की ओर से घटना की परिस्थितियों और वन्यजीव की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

एक सप्ताह पहले ही कराई गई थी मुनादी

वन विभाग के अनुसार क्षेत्र के जंगलों में पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीवों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। इसे देखते हुए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब एक सप्ताह पहले ही मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया गया था।

ग्रामीणों से जंगल की ओर अकेले नहीं जाने और वन क्षेत्र में विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई थी। इसके बावजूद युवक शौच के लिए जंगल की ओर चला गया और मादा भालू तथा उसके शावकों के सामने आने के बाद हमला हो गया।

मादा भालू अपने शावकों के साथ होने पर अक्सर अधिक आक्रामक हो सकती है। ऐसे में वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल या जंगल से लगे इलाकों में अकेले न जाएं और विशेष रूप से सुबह तथा शाम के समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।

ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

भालू के हमले की इस घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों को एक बार फिर सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। जंगल क्षेत्र में जाने से बचने के साथ ही ग्रामीणों को समूह में जाने और आसपास वन्यजीव की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है।

घटना ने एक बार फिर वन क्षेत्रों से लगे गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। वन विभाग की ओर से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए लगातार जागरूकता अभियान और मुनादी कराने की बात कही जा रही है।:::


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