आदिपुरूष पर प्रतिबंध की घोषणा हो सकती है छत्तीसगढ़ में, पक्ष-विपक्ष दोनों ने की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ में फिल्म आदिपुरूष का कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों ने विरोध किया है तथा फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है, सत्तापक्ष और विपक्ष के एक सुर को देखते हुए लग रहा है कि प्रदेश में जल्द ही इस फिल्म पर प्रतिबंध की घोषणा हो सकती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, जहां सेंसर बोर्ड पर सवाल खड़ा किया है. वहीं फिल्म न देखने की अपील भी की है। इधर भाजपा नेताओं ने ही मुख्यमंत्री से फिल्म पर छत्तीसगढ़ में प्रतिबंध लगाने की मांग की है। केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह ने ट्वीट करके प्रतिबंध की मांग उठाई है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अरुण साव भी प्रतिबंध के पक्ष में है। डॉ. रमन सिंह ने भी सवाल खड़ा किया है। दुर्ग के सांसद विजय बघेल को फिल्म के खिलाफ एफआईआर कराने थाने तक पहुंच गए।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को यहां पर कहा, सबसे अच्छा तरीका है कि लोग फिल्म को देखने ही न जाएं। क्योंकि फिल्म के बारे में सब कुछ सुन लेने के बाद जबरदस्ती देखने जाना सही नहीं है। उन्होंने कहा, पैसा आपका, समय आपका है, आप किस में व्यतीत करना चाहते हैं। इसी के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करके लिखा है- मैंने आदिपुरुष के बारे पढ़ा और सुना। अत्यधिक पीड़ा हो रही है कि आखिर कैसे सेंसर बोर्ड ने एक ऐसी फिल्म को सर्टिफिकेट दे दिया जो हमारी आस्था से खिलवाड़ कर रही है, हमारे आराध्य का मजाक उड़ा रही है। केंद्र सरकार को इसका जवाब देना होगा। हमारे भाचा राम का अपमान हम नहीं सहेंगे। जिम्मेदार लोग माफी मांगें। आदिपुरुष के बहाने भगवान राम और हनुमान की तस्वीर को पहले विकृत किया गया, और अब उनके पात्रों द्वारा अमर्यादित शब्द बुलवाए गए। हमारे आराध्य देव जिनके प्रति हमारी आस्था है उनके पात्रों से ऐसा शब्द बुलवाना आपत्तिजनक है। इसकी मैं निंदा करता हूं।
केंद्रीय मंत्री रेणुका ने की प्रतिबंध की मांग
केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह ने एक ट्वीट किया है और इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को टैग करते हुए लिखा है- फिल्म आदिपुरुष, जो रामायण पर आधारित है। जिसमें हमारे आराध्य श्रीराम, माता जानकी, वीर हनुमान एवं अन्य चरित्रों का फिल्मांकन जिस तरीके से किया गया है, पात्रों के मुंह से जिस प्रकार से भद्दे डायलॉग्स बोले गए हैं, इससे करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। मैं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आशा करती हूं कि श्री राम के ननिहाल में इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने जल्द ही आदेश करेंगे।
साव भी बोले- लगे प्रतिबंध
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अरुण साव ने भी फिल्म पर प्रतिबंध के पक्ष में हैं। श्री साव के कहा, सोशल मीडिया के माध्यम से फिल्म आदिपुरुष के कुछ क्लिप की जानकारी मिली है। फिल्म में भाषा, वेशभूषा और सनातन संस्कारों से छेड़छाड़ की गई है। यह फिल्म धार्मिक भावना को आहत करती है, मैं कड़े शब्दों में इसकी निंदा करता हूं। छत्तीसगढ़ सरकार को ऐसी फिल्म पर प्रदेश में प्रतिबंध लगा देना चाहिए।
चरित्रों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना ठीक नहीं: रमन
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आदिपुरुष पर के विरोध को लेकर कहा, श्री रामचन्द्र जी भारत के रोम-रोम मे बसे हुए हैं, युग-युगांतर से श्री राम जी की छवि पूरे देश में मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में हमारे मन में बसी हुई है। यही कारण है कि आज जब एक फिल्म श्री राम और रामायण के चरित्र को तोड़-मरोड़ रही है तब पूरा देश इस नकारात्मकता के विरुद्ध खड़ा है।
थाने पहुंचे सांसद बघेल
आदिपुरुष के विरोध में उतरे दुर्ग के सांसद विजय बघेल ने थाने पहुंच कर ज्ञापन दिया है। फिल्म में धार्मिक भावनाओं के छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए सेक्टर 6 कोतवाली में मामला दर्ज करने की मांग की है।




