#Social

Chandrakhani होकर मलाणा पहुंची रेक्क्यू टीम


Kullu. कुल्लू। दुनिया के सबसे पुराने लोतांत्रिक गांव मलाणा में बाढ़ के कारण फंसे विभिन्न राज्यों के 15 पर्यटकों का सफल रेस्क्यू किया गया है। बता दें कि 31 जुलाई की रात मलाणा नाले में फटे बादल के कारण सडक़ें, रास्ते पूर्ण रूप से तबाह होने पर पर्यटक मलाणा में फंसे थे। पर्यटक यहां पर 30 जुलाई को पहुंचे थे और 31 जुलाई को भी यहीं पर कैफे में रूके थे। 31 जुलाई और 1 अगस्त की मध्यरात्रि को मलाणा नाले में बादल फटा और तबाही का मंजर यहां पर पेश आया। ऐसे में मलाणा के रास्ते पूर्ण रूप से आवाजाही के लिए बंद हो गए और पर्यटक मलाणा में ही फंसे रहे। इसके बाद पर्यटकों ने जिला प्रशासन से रेस्क्यू करने की मांग की थी। हालांकि जिला प्रशासन का रेस्क्यू अभियान क्षेत्र में लगातार जारी था। मलाणा नाला लगातार उफान पर होने के चलते पर्यटकों को रेस्क्यू करना मुश्किल हो गया था। लेकिन प्रशासन ने मलाणा में पंचायत प्रतिनिधियों से संपर्क कर सभी पर्यटकों को सुरक्षित जगह ठहराया था। प्रशासन ने चंद्रखणी से होकर पर्यटकों को रेस्क्यू करने का प्लान बनाया था और टीम भी गठित की थी। रविवार को जिला परिषद के अध्यक्ष पंकज परमार अपनी टीम और द लिटल रेबल एडवेंचर सर्च एंड रेस्क्यू टीम के साथ मलाणा गांव चंद्रखणी होकर पहुंचे। सोमवार सुबह पंचायत प्रधान और लोगों से रास्ते को लेकर जानकारी ली। दस बजे सभी पर्यटक स्थानीय लोगों की सहायता से मलाणा प्रोजेक्ट के

रास्ते से होकर लाए गए।

जरी पुलिस चौकी की टीम भी पर्यटकों को रेस्क्यू करने के लिए मौके पर पहुंची थी और आपदा के जोखिम भरे जख्मों के बीच से होकर आठ घंटे में मलाणा में फंसे सभी पर्यटकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और चौहकी के समीप जोखिम भरी डगर को पार करते हुए पहुंचाया गया। एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने बताया कि सोमवार को 11 पर्यटकों को मलाणा के रास्ते से रेस्क्यू करके कसोल पहुंचाया गया है। इस अभिया में स्थानीय रेस्क्यू दल लिटल रेबल्स का महत्वपर्ण योगदान रहा।जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार ने कहा कि मलाणा में 15 पर्यटक फंसे थे। पुलिस के सहयोग से पर्यटकों को जोखिम भरे रास्ते से होकर सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू में स्थानीय लोगों ने भी बड़ा सहयोग किया। अब सभी सैलानी सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिए हैं। एसडीएम कुल्लू बोले एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने कहा कि मलाणा गांव में फंसे पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया है। अब मलाणा के लोगों के सफर को आसान करने के लिए प्रशासन कार्य करेगा। जिला प्रशासन के नेतृत्व में मलाणा परियोजना से एनडीआरफ , होमगार्ड और पुलिस के संयुक्त दल द्वारा बड़ी बहादुरी के साथ 29 मजदूरों को रेस्क्यू किया था। वहीं, दूसरे दिन मलाणा परियोजना-2 से इंजीनियर सौरव शर्मा, विशाल पांडे और ऑपरेटर डोला सिंह, वेंकटेश, सर्च शाफ्ट से ऑपरेटर टीकम राम और देव को रेस्क्यू किया था। बीते रविवार को जरी पुलिस चौकी की टीम ने दो पर्यटकों को रेस्क्यू किया। पुलिस को 112 नंबरर पर एक कॉल प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही जरी चौकी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मलाणा से चौहकी-जरी मार्ग पर निकली। वन क्षेत्र मं खोए हुए एक पुरुष और एक महिला पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया, दो सुरक्षित हैं। जानकारी के अनुसार मलाणा में 15 पर्यटक फंसे थे, जिन्हें सोमवार को रेस्क्यू किया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button