ईडी की नजर अब एक बड़े नेता पर; प्रदेश के विधायक और बड़े उद्योगपति के बाद एक कद्दावर नेता की तलाश
रायपुर। ईडी ने छत्तीसगढ़ के एक विधायक, एक बड़े उद्योगपति कमल सारडा समेत कई अन्य लोगों के ठिकानों पर आज प्रातः दबिश दी है. ईडी की यह कार्रवाई कोल मामले में चल रही जांच से जुड़ी बताई जा रहा है. इधर विश्वस्त सूत्रों की मानें तो ईडी अब प्रदेश के एक बड़े कद्दावर नेता की तलाश कर रही है जो शासन के प्रमुख लोगों के बेहद करीबी बताए जाते हैं।
खबर है कि, ईडी की यह कार्रवाई रायपुर, भिलाई में चल रही है. बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा में भी टीम के मूवमेंट के संकेत हैं. बताया जा रहा है कि रायपुर में मंदिर हसौद के पास ग्राम बहनाकाड़ी के जमीन दलाल सुरेश बांदे और वीआईपी करिश्मा अपार्टमेंट में एक सीए के यहां भी ईडी ने दबिश दी है. इन सभी जगहों पर दबिश देकर ईडी के अधिकारी जरूरी दस्तावेज खंगाल रहे हैं. ईडी की टीम ने एक बार फिर राजनेताओं और उद्योगपतियों के ठिकाने पर दबिश दी है। छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर कार्रवाई एक साथ चल रही है। सीएम के नजदीकी एक अफसर के अलावा महासमुंद से विधायक विनोद सेवन चंद्राकर के ठिकाने पर भी ईडी की टीम पहुंची है।
कांग्रेस विधायक के ठिकाने पर ईडी की टीम आज सुबह-सुबह पहुंची, जहां फिलहाल दस्तावेजों को देखने का काम चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक रायपुर के अलावा भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय की टीम पहुंची हुई है। वहीं मंदिर हसौद में एक प्रॉपर्टी बिजनेसमैन और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकानों पर भी दबिश दी है। इनके अलावा भिलाई,बिलासपुर व रायगढ़ में भी छापे की खबर है। भिलाई निवासी एक के जमीन दलाल और वीआईपी करिश्मा अपार्टमेंर्टमेंट में एक सीए के यहां भी ईडी ने दबिश दी है। छापे को कोल कारोबार में हुई मनी लांड्रिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। एजेंसियों ने अभी किसी बात की पुष्टि नहीं की है लेकिन उनके आवास के बाहर सीआरपीएफ की फोर्स जांच अफसरों को सुरक्षा देने तैनात है।
ईडी ने पिछले छः महीने में पहली बार किसी उद्योगपति को जांच के दायरे में लिया है। कमल सारडा, पंकज सारडा के फ़ोन बंद मिले। एजेंसी से किसी ने पुष्टि नहीं की है। इसी तरह से एक आईएएस अफसर के साथ कुछ और पर भी रायपुर के बाहर छापे की खबर है। टीम ने सिविल लाइंस स्थित पीतांबरा लोजेस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के नितिन अग्रवाल को भी घेरे में लिया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उधर रायगढ़ के कोयला कारोबारी आलोक रतेरिया और योगेश अग्रवाल के भी ठिकाने पर जांच चल रही है। यह छापेमारी, पिछले दिनों गिरफ्तार कोल कारोबारी, खनिज अधिकारियों और मनी लांड्रिंग करने वाले लोगों से मिले इनपुट के आधार पर की जा रही है। ये सभी इस समय रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं और इनकी जमानत याचिकाएं लगीं हुईं हैं



