लॉकडाउन का पालन न करने पर और विदेश यात्रा छिपाने पर हो सकती है छह माह की जेल

रायपुर। लॉकडाउन, क्वारंटाइन उल्लंघन करने और विदेश की जानकारी छिपाने वालों को छह महीने की सजा का प्रावधान है। अगर कोई भी इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे छह महीने जेल का प्रावधान है। पुलिस ने रविवार को राजधानी समेत अलग-अलग जिलों में 33 अपराध दर्ज किए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ धारा 188, 269, 270 के तहत अपराध पंजीबद्घ किया गया।
गौरतलब है कि लॉकडाउन, क्वारंटाइन उल्लंघन करने और विदेश यात्रा की जानकारी छिपाने पर पुलिस ने रविवार को रायपुर में एक, गरियाबंद में दो, धमतरी में एक, महासमुंद एक, बलौदाबाजार में तीन, दुर्ग में छह, बेमेतरा में एक, बालोद में एक, बिलासपुर में पांच, मुंगेली में एक, रायगढ़ में एक, जांजगीर-चांपा में एक, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में एक, सरगुजा में एक, कोरिया में एक, सूरजपुर में दो, बस्तर में एक, कोंडागांव में दो और बीजापुर में एक अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस की ओर से आईपीसी की धारा 188, 269, 270 के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं।

राजधानी पुलिस लॉक डाउन से लेकर अब तक चार केस दर्ज किए हैं। इसमें फेक न्यूज सोशल मीडिया में वायरल करना, विदेश यात्रा को छिपाने पर केस दर्ज किया गया है।

धारा 188 के तहत सजा का यह प्रावधान

पहलाः अगर आपके द्वारा सरकार के आदेश का उल्लंघन किए जाने से मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा, आदि को खतरा होता है, तो आपको कम से कम 6 महीने की जेल या 1000 रुपये जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है।

दूसराः अगर आप सरकार या किसी सरकारी अधिकारी द्वारा कानूनी रूप से दिए गए आदेशों का उल्लंघन करते हैं, या आपकी किसी हरकत से कानून व्यवस्था में लगे शख्स को नुकसान पहुंचता है, तो आपको कम से कम एक महीने की जेल या 200 रुपये जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है।

धारा 269 और 270 में क्या है प्रावधान

धारा 269 का अर्थ है, किसी बीमारी को फैलाने के लिए किया गया लापरवाही भरा काम जिससे किसी अन्य व्यक्ति की जान को खतरा हो सकता है। वहीं धारा 270 का अर्थ है, किसी बीमारी को फैलाने के लिए किया गया घातक या नुकसानदेह काम जिससे किसी अन्य व्यक्ति की जान को खतरा हो सकता है। आईपीसी की धारा 269 के तहत अपराधी को छह महीने की जेल या जुर्माना या फिर दोनों मिलता है और धारा 270 के तहत दो साल की सजा या जुर्माना या फिर दोनों मिलता है।

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