Jalpaiguri Shocker: मतदाता सूची से नाम कटने से दुखी मोमो विक्रेता ने की आत्महत्या; पुलिस ने शुरू की जांच

Jalpaiguri Shocker: मतदाता सूची से नाम कटने से दुखी मोमो विक्रेता ने की आत्महत्या; पुलिस ने शुरू की जांच

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Photo)

जलपाईगुड़ी: पश्चिम बंगाल (West Bengal) के जलपाईगुड़ी (Jalpaiguri) में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां वार्ड नंबर 11 के निवासी एक मोमो विक्रेता गौरांग डे (Gouranga De) ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है. परिजनों का आरोप है कि ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (Special Intensive Revision) (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया था, जिससे वे लंबे समय से बेहद परेशान थे. मृतक गौरांग डे अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहते थे और परिवार का दावा है कि वे लगभग 40 वर्षों से अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे थे. SIR प्रक्रिया के तहत उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया था, जहाँ उन्होंने अपने पास उपलब्ध सभी दस्तावेज जमा किए थे. हालांकि, 27 फरवरी को जब अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हुई, तो उसमें उनका नाम नहीं था और उनके नाम के आगे ‘डिलीटेड’ (हटाया गया) लिखा हुआ था. यह भी पढ़ें: ब्रेकअप का मतलब आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं: दिल्ली हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी, आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को मिली जमानत

परिवार और स्थानीय लोगों की चिंता

मृतक की पत्नी ने बताया कि गौरांग के पास अपने माता-पिता या दादा-दादी के बारे में कोई और जानकारी नहीं थी, इसलिए वे अतिरिक्त दस्तावेज नहीं दे सके. वहीं, उनके मकान मालिक ने बताया कि नाम सूची से कटने के बाद से ही गौरांग काफी तनाव में थे और अक्सर पूछते थे कि ‘अब मेरा क्या होगा?’ मंगलवार सुबह जब उनका शव मिला, तो इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.

प्रशासन की भूमिका और जांच

घटना की सूचना मिलते ही जलपाईगुड़ी नगर पालिका के चेयरमैन सायक चटर्जी मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि गौरांग नाम हटने के बाद उनसे मदद मांगने आए थे, जिसके बाद उन्होंने ऑनलाइन फॉर्म नंबर 6 भरने में उनकी सहायता भी की थी. सायक चटर्जी ने इसे एक दुखद घटना बताते हुए कहा, ‘SIR प्रक्रिया लोगों की जान ले रही है और उनके लोकतांत्रिक अधिकार छीन रही है. निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए.’

वर्तमान में, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इस मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन परिस्थितियों में उनका नाम सूची से हटाया गया था.




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