Nashik Shocker: नासिक में प्राइवेट कंपनी की महिला कर्मचारियों का सहकर्मियों पर गंभीर आरोप; यौन उत्पीड़न, धर्म परिवर्तन और ‘बीफ’ खिलाने के दबाव के बाद SIT गठित

Nashik Shocker: नासिक में प्राइवेट कंपनी की महिला कर्मचारियों का सहकर्मियों पर गंभीर आरोप; यौन उत्पीड़न, धर्म परिवर्तन और 'बीफ' खिलाने के दबाव के बाद SIT गठित

प्रतीकात्मक तस्वीर Photo Credits: Pexels)

नासिक: महाराष्ट्र (Maharashtra) के नासिक जिले (Nashik) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक निजी कंपनी (Private Firm) की कई महिला कर्मचारियों (Female Employees) ने अपने सहकर्मियों पर यौन शोषण (Sexual Abuse)और जबरन धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है. पीड़ितों का दावा है कि उन्हें कार्यस्थल पर न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि एक विशेष धर्म की प्रार्थना करने और जबरन ‘बीफ’ (गोमांस) खाने के लिए भी मजबूर किया गया. पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक नौ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं और छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. यह भी पढ़ें: Ashok Kharat Sex Scandal: अशोक खरात मामले में 5 सबसे खौफनाक खुलासे, गर्भवती महिला को भी शिकार बनाने का आरोप

यौन शोषण और धार्मिक जबरदस्ती के आरोप

शिकायतकर्ताओं में मुख्य रूप से 18 से 25 वर्ष की युवतियां शामिल हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आती हैं. पुलिस को दिए गए बयानों के अनुसार, कंपनी के भीतर महिलाओं को दूसरे धर्म की प्रार्थना करने के लिए मजबूर किया जाता था और उनकी इच्छा के विरुद्ध उन्हें प्रतिबंधित मांस खाने का दबाव दिया जाता था.

पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या किसी पुरुष कर्मचारी को भी इसी तरह की प्रताड़ना का सामना करना पड़ा है. शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह सिलसिला 2022 से चल रहा था.

मामले की जांच के लिए SIT का गठन

आरोपों की गंभीरता और इसके सामाजिक प्रभाव को देखते हुए, नासिक पुलिस ने मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है. वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में चल रही इस जांच में तकनीकी और भौतिक सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है. मुंबई नाका और देवलाली कैंप जैसे पुलिस थानों में दुष्कर्म, छेड़छाड़ और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

छह आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

पुलिस ने इस मामले में अब तक छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें कोर्ट ने पुलिस हिरासत में भेज दिया है. कम से कम एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है. पुलिस ने अन्य संभावित पीड़ितों से भी आगे आने की अपील की है और उनकी गोपनीयता बनाए रखने का आश्वासन दिया है. यह भी पढ़ें: नाशिक का ‘ढोंगी बाबा’ अशोक खरात: यौन शोषण के बाद अब 2022 के सुसाइड नोट में भी सामने आया नाम, फिर खुलेगी जांच

कार्यस्थल पर सुरक्षा के कड़े निर्देश

इस घटना के बाद प्रशासन ने नासिक की सभी निजी कंपनियों को महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं. संस्थानों को अपनी आंतरिक शिकायत निवारण समिति (Internal Grievance Redressal Committee) को सक्रिय करने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है. किसी भी आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है.

 




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