कलेक्टर ने मल्लखंब खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा

मल्लखम्ब
केवल एक खेल नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे जिले में जीवंत बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की जरूरत है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस खेल में अधिक से अधिक बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।साथ ही खिलाड़ियों को आवश्यक प्रशिक्षण, संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें और आगे बढ़ सकें। उन्होंने जिले की खेल प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें उचित मंच देने पर जोर दिया। इससे पहले मल्लखम्ब खिलाड़ियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी थी। खिलाड़ियों ने बताया कि वे नियमित अभ्यास कर रहे हैं और आगे राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करना चाहते हैं। जानकारी के अनुसार, वर्तमान में लगभग 50 बच्चे कोच के मार्गदर्शन में मल्लखम्ब का अभ्यास कर रहे हैं। इनमें से दो खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए भी हुआ है, जो जिले के लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम के दौरान हेड कोच अकलेश नारंग और वरिष्ठ खेल अधिकारी श्रीमती प्रीति बंछोर भी मौजूद रहीं। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और उपलब्धियों की जानकारी साझा की। इस पहल से यह उम्मीद जताई जा रही है कि जिले में पारंपरिक खेलों को नई पहचान मिलेगी और अधिक बच्चे इससे जुड़कर अपनी प्रतिभा को निखार पाएंगे।
Source link



