ED के चालान के बाद इस अफसर की बढ़ सकती है मुश्किलें, 152 करोड़ की काली कमाई का खुलासा
ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने मनी लांड्रिंग और कोल परिवहन में अवैध लेवी के मामले में स्पेशल जज अजय सिंह राजपूत की अदालत में चालान पेश किया है। पिछली पेशी के दौरान ही ऐसे संकेत मिले थे कि ईडी 10 दिसंबर को चालान पेश कर सकती है। हालांकि ईडी ने एक दिन पहले ही चालान पेश कर दिया है। फिलहाल सूर्यकांत तिवारी, आईएएस समीर विश्नोई, लक्ष्मीकांत तिवारी और सुनील अग्रवाल के खिलाफ चालान पेश किया है। शनिवार को सभी आरोपियों की पेशी है। सीएम सचिवालय की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया की रिमांड अवधि भी खत्म होगी और उन्हें भी पेश किया जाएगा
सूत्रों की मानें तो ईडी ने अपने चालान में एक आईएएस और दो और व्यापारियों का जिक्र किया है तथा इनके मनी लांड्रिंग घोटाले में शामिल होने का संकेत दिया गया है, बताया जाता है कि ईडी इन तीनों से पिछळे सप्ताह से पूछताछ कर रही है, चालान में नाम आने के बाद अब संभावना प्रबल हो गई है कि उनकी शीघ्र गिरफ्तारी हो सकती है। ईडी ने शुक्रवार को रायपुर की अदालत में चालान पेश कर दिया। ये चालान सूर्यकांत तिवारी, आईएएस समीर विश्नोई, काराेबारी लक्ष्मीकांत तिवारी और सुनील अग्रवाल से जुड़ा है। इन चारों आरोपियों ने कैसे करोड़ों रुपयों की हेर-फेर की। कैसे पद पर रहकर आईएएस ने अपनी ताकतों का इस्तेमाल किया, ये पूरी जानकारी अदालत को दी गइ है ।
प्रवर्तन निदेशालय के अफसर गाड़ियों में चार्जशीट लेकर चुपचाप रायपुर की अदालत पहुंचे। जज अजय सिंह की कोर्ट में अफसर पहुुंच गए और जानकारी दी। हालांकि चर्चा शनिवार को चार्जशीट पेश करने की थी, मगर एक दिन पहले ही इसे पेश किया गया।
अदालत में एक आवेदन की चर्चा है। शुक्रवार को ईडी के अफसरों के खिलाफ एक कारोबारी ने ये शिकायत का आवेदन दिया है। चर्चा है कि ईडी जांच में फंसे आरोपियों से इस आवेदक का संबंध रहा है। आवेदक ने कोर्ट में दिए आवेदन में कहा है कि बेवजह मुझे ईडी के अफसर परेशान कर रहे हैं, पूछताछ के नाम पर मुझे मुर्गा बनाया जाता है, धमकाया जाता है। इससे पहले इस तरह के तथ्य उजागर हो चुके हैं।




