Trump प्रशासन का बड़ा फैसला, 2009 की ‘एंडेंजर्मेंट फाइंडिंग’ रद्द करने का ऐलान

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस फाइंडिंग को हटाने से व्यवसायों और आम जनता पर नियमों के आर्थिक बोझ में राहत मिलेगी और ऊर्जा-उत्पादन को मुक्त कर अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने इसे “इतिहास की सबसे बड़ी डिरेगुलेटरी (नियम हटाने वाली) कार्रवाई” बताया है, जिसका उद्देश्य “अमेरिकी ऊर्जा प्रभुत्व” को मजबूत करना है और ये अमेरिकियों को 1.3 ट्रिलियन डॉलर की रेगुलेटरी लागत से बचाएगा। वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। नेशनल रिसोर्सेस डिफेंस काउंसिल के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि एंडेंजर्मेंट फाइंडिंग को रद्द करने से गैर-प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते जोखिमों का सामना करने वाले लाखों अमेरिकियों के लिए परिणाम “विनाशकारी” हो सकते हैं।
ट्रंप की इस घोषणा के आलोचक मानते हैं कि यह निर्णय केवल एक नियम को बदलने जैसा नहीं है बल्कि पूरे अमेरिकी जलवायु नियमों की नींव को ही कमजोर करता है, क्योंकि इससे वह कानूनी आधार मिट जाएगा जिस पर कई उत्सर्जन मानक और पर्यावरण नियम आधारित हैं। इसका असर वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण और पावर प्लांटों के नियमों पर भी पड़ेगा। कई पर्यावरण समूह इस बदलाव को इतिहास में सबसे बड़े हमलों में से एक बताते हुए संभावित कानूनी चुनौतियों की चेतावनी दे रहे हैं। ट्रंप प्रशासन का यह निर्णय ओबामा-युग के नियामक विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो अमेरिका की जलवायु कार्रवाई की दिशा और लंबी अवधि की योजनाओं को पुनः परिभाषित कर सकता है।
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