अमित शाह का 62वां जन्मदिन जानिए उनका सियासी सफर

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार, 22 अक्टूबर को अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक विस्तार से लेकर केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने तक उनका राजनीतिक सफर कई बड़े घटनाक्रमों से जुड़ा रहा है। वर्ष 2014 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पार्टी के संगठन को मजबूत करने और विभिन्न राज्यों में उसकी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाई। वर्ष 2019 में केंद्रीय गृह मंत्री बनने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा, जम्मू-कश्मीर और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी भागीदारी रही है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने अमित शाह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।

22 अक्टूबर 1964 को हुआ था जन्म

अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में एक गुजराती परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम अनिलचंद्र शाह और माता का नाम कुसुमबेन शाह था। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा गुजरात के माणसा में प्राप्त की। इसके बाद उनका परिवार अहमदाबाद चला गया।शाह की रुचि कम उम्र से ही सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में रही। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और बाद में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में सक्रिय भूमिका निभाई।इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के संगठन में विभिन्न पदों पर काम किया।

जमीनी कार्यकर्ता से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक

अमित शाह ने गुजरात की राजनीति से अपनी पहचान बनाई। उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक कार्यों के साथ चुनाव प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।वर्ष 1991 में लालकृष्ण आडवाणी और 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी के गांधीनगर लोकसभा चुनाव अभियानों से भी वे जुड़े रहे।वर्ष 1997 में वह गुजरात विधानसभा के सदस्य बने। इसके बाद राज्य सरकार में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली।वर्ष 2013 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को मिली 73 सीटों की सफलता के बाद उनकी संगठनात्मक भूमिका को व्यापक पहचान मिली।जुलाई 2014 में अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उनके नेतृत्व के दौरान पार्टी ने कई राज्यों में अपना संगठनात्मक विस्तार किया।

2019 में बने देश के गृह मंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में अमित शाह को केंद्रीय गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने 1 जून 2019 को गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला।गृह मंत्री बनने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक प्रशासन से जुड़े विभिन्न मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाईअगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को निष्प्रभावी करने और तत्कालीन राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में पुनर्गठित करने का निर्णय लिया। अमित शाह ने संसद में इस फैसले से जुड़े प्रस्ताव और विधेयक प्रस्तुत किए।इस फैसले को सरकार ने राष्ट्रीय एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि विपक्षी दलों ने इसके संवैधानिक और राजनीतिक प्रभावों पर सवाल उठाए।

नागरिकता संशोधन कानून भी रहा चर्चा में

अमित शाह के गृह मंत्री रहते वर्ष 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम पारित हुआ। इस कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए कुछ निर्दिष्ट धार्मिक समुदायों के पात्र लोगों को नागरिकता प्राप्त करने का विशेष प्रावधान किया गया।इस कानून को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिले।इसके अलावा केंद्र सरकार ने आतंकवाद, नक्सलवाद और संगठित अपराध से निपटने के लिए विभिन्न सुरक्षा अभियानों और नीतिगत उपायों पर जोर दिया।

तीन नए आपराधिक कानूनों के निर्माण में भूमिका

अमित शाह के कार्यकाल में भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए।ये कानून 1 जुलाई 2024 से प्रभावी हुए। सरकार ने इन्हें आपराधिक न्याय प्रणाली के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार बताया।हालांकि, इन कानूनों के कुछ प्रावधानों और उनके क्रियान्वयन को लेकर कानूनी विशेषज्ञों तथा विपक्षी दलों ने चिंताएं भी जताईं।

सहकारिता मंत्रालय की भी संभाल रहे जिम्मेदारी

अमित शाह जुलाई 2021 से केंद्रीय सहकारिता मंत्री का पद भी संभाल रहे हैं। इस मंत्रालय के माध्यम से सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सहकारिता की भूमिका बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में अमित शाह गांधीनगर संसदीय क्षेत्र से दोबारा निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्हें गृह मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय की जिम्मेदारी फिर सौंपी गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अमित शाह को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनकी प्रशासनिक समझ और देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में योगदान की सराहना की।प्रधानमंत्री ने माओवाद से निपटने और नशामुक्त समाज की दिशा में सरकार के प्रयासों में अमित शाह की भूमिका का भी उल्लेख किया।62वें जन्मदिन के अवसर पर अमित शाह का राजनीतिक सफर एक बार फिर चर्चा में है। भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियों से लेकर केंद्र सरकार के दो महत्वपूर्ण मंत्रालयों तक उनकी भूमिका भारतीय राजनीति में उनके लंबे अनुभव को दर्शाती है।


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